नई दिल्ली/गाजियाबाद [अवनीश मिश्र]। न्यूनतम समर्थन मूल्य सहित आधा दर्जन अन्य मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को भी दिल्ली-यूपी के गाजीपुर बार्डर पर प्रदर्शन जारी है। बावजूद इसके यहां सन्नाटा पसरा हुआ है। किसान प्रदर्शनकारियों की संख्या 100 से भी कम है और सामान लदे और खाली ट्रक खड़े हैं। वहीं, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार और किसान संगठन समाधान की ओर जा रहे हैं। इससे लग रहा है कि समाधान हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार से बातचीत होगी। सरकार कुछ जवाब लिखित में देगी और कुछ मौखिक होंगे। वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा के यूपी गेट प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि पांच सदस्यीय कमेटी सरकार के साथ समन्वय बनाए है। आंदोलन के समापन की तिथि और तरीका संयुक्त किसान मोर्चा ही तय करेगा।

खाली व सामान लदे ट्रक दिखे

यूपी गेट पर बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा। मंच के पीछे की सड़क बिल्कुल खाली दिखी। तंबू भी खाली रहे, उनमें सन्नाटा पसरा रहा। वहीं, पंजाब से आया ट्रक खड़ा रहा। सामान लदा ट्रक भी खड़ा रहा। बताया गया कि पंजाब के प्रदर्शनकारियों की वापसी शुरू हो गई है। उनके सामान ले जाने के लिए ट्रक आए हैं। कई प्रदर्शनकारी अपना सामान बांधते देखे गए।

उधर, सोनीपत में कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे प्रदर्शन में शामिल एक किसान ने बुधवार दोपहर केजीपी-केएमपी के जीरो प्वाइंट के पुल से नीचे जीटी रोड पर कूदकर आत्महत्या कर ली। उसके जहर खाने की भी आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव स्वजन को सौंप दिया है। जांच के लिए विसरा भेजा गया है। साथी किसानों ने उसके सरकारी नीतियों के विरोध में आत्महत्या करने की बात कही है, जबकि पुलिस इसको हादसा मान रही है।

प्रदर्शन में भाग लेने गोहाना क्षेत्र के गांव न्यात का किसान धर्मपाल आया हुआ था। वह कई महीने से प्रदर्शन स्थल पर ही रह रहा था। वह किसान यूनियन का सक्रिय सदस्य था। बुधवार दोपहर में वह केजीपी-केएमपी के जीरो प्वाइंट के पुल के पास बैठा हुआ था। उसके साथ में कई अन्य किसान भी थे। वह उनसे दूर जाकर काफी देर तक बैठा रहा।

Edited By: Jp Yadav