साहिबाबाद [अवनीश मिश्र]। विधि छात्र की हत्या के मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है नए-नए खुलासे भी हो रहे हैं। हत्याकांड को इस शातिराना अंदाज में अंजाम दिया गया था कि अगर थोड़ी और लापरवाही बरती जाती तो शायद इसका खुलासा ही नहीं होता। 

कमरे में मिली डिओडरेंट की खाली शीशी

जिस कमरे में पंकज का शव मिला है, वहां डिओडरेंट की पांच खाली शीशी और रासायनिक पदार्थ मिले हैं। आशंका जाहिर की जा रही है कि दुर्गंध बाहर न जाए, इसलिए आरोपित ने कमरे में डिओडरेंट डाला था। वहीं कमरे का रोशनदान खुला था।

सीसीटीवी फुटेज से मेमोरी कार्ड निकाला

विधि छात्र पंकज सिंह की हत्या के आरोपित मुन्ना के घर के सामने सीसीटीवी लगा है। उसमें शनिवार से पहले 15 दिन की फुटेज नहीं मिली है, बाकी शेष फुटेज है। कॉलोनीवासियों ने बताया कि इस सीसीटीवी में चिप बाहर से लगता है। लोगों ने कहा कि आरोपित ने घटना को अंजाम देने के लिए मेमोरी कार्ड निकाल लिया होगा।

घर के पास लगे छोटे गेट से परिजन को किया फरार

आरोपित मुन्ना का मकान कॉलोनी के अंतिम छोर में है। उसके पीछे रेलवे लाइन गुजरी है। वहां स्थित चारदीवारी में छोटा सा लोहे का गेट लगा है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि आरोपित मुन्ना ने उसी गेट से परिजन को फरार किया है और खुद कॉलोनी के मुख्य मार्ग से निकला है।

फरार होने के बाद लोगों ने मोबाइल से कराई थी पुलिस की बात

कॉलोनी के लोगों ने बताया कि शनिवार को उन लोगों ने मुन्ना के मोबाइल पर फोन कर बात की तो उसने बताया कि वह अपने गांव बिहार जा रहा है। पुलिस ने भी उससे बात की, लेकिन उस समय ट्रेन की आवाज नहीं सुनाई थी, इससे शक हुआ कि वह ट्रेन में नहीं है।

अनुशासित छात्र था पंकज

आइएमइ के शिक्षकों व छात्रों ने बताया कि पंकज होनहार विद्यार्थी था। नवरात्र में नौ दिन व्रत रखा था। पिता नरेंद्र ने बताया कि पंकज तीस हजारी कोर्ट में एक अधिवक्ता के पास वकालत का अभ्यास करने भी जाता था। पंकज एलएलएम करना चाहता था। उसकी शादी एक युवती से शादी तय थी। उसका रो-रोकर बुरा हाल है। नरेंद्र ने बताया कि शव पैतृक गांव ले जाने की स्थिति में नहीं है, इसलिए यहीं पर उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

शातिराना तरीके से किया कत्ल

लोगों आशंका जाहिर की है कि आरोपित ने अकेले ही पंकज की हत्या नहीं की है। इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं। लोगों ने यह भी आशंका जाहिर की है कि आरोपित मुन्ना ने उसे किसी बहाने से घर बुलाया होगा और कुछ नशीला पदार्थ खिलाकर उसे काबू में करने के बाद हत्या कर दी हो गई, तभी तो उसकी चीख-पुकार अन्य किरायेदारों व पड़ोसियों को नहीं हुई।

लगातार पीड़ितों को टरकारती रही पुलिस

विधि छात्र पंकज सिंह के लापता होने से शव बरामद तक पुलिस की कार्रवाई टरकाऊ रही है। इससे परिजन व कॉलोनीवासियों में पुलिस के प्रति आक्रोश है। भाई मनीष सिंह ने बताया कि पंकज सिंह गिरधर कॉलोनी में चार सालों से रमेश के मकान में रहता था। आरोपित मुन्ना के दो लड़के और दो लड़कियां पंकज से ट्यूशन पढ़ती थीं। मुन्ना के बच्चे पंकज की अनुपस्थिति में साइबर कैफे की देखभाल भी करते थे। उनका आरोप है कि आरोपित की पत्नी ने पंकज को अपने घर पर रहने का ऑफर किया तो वह वहां रहने लगा। एक माह रहने के बाद मुन्ना ने पंकज पर साइबर कैफे देने का दबाव बनाया। इस पर वह उनका कमरा खाली कर कॉलोनी निवासी नवीन त्यागी के यहां रहने लगा। उसके बाद से आरोपित मुन्ना व उसकी पत्नी पंकज को धमकाने लगे। पंकज ने उन्हें फोन पर इसकी जानकारी दी थी।

पुलिस की कार्रवाई में देरी का आरोप

पिता नरेंद्र सिंह ने बताया कि साहिबाबाद थाना पुलिस को बृहस्पतिवार को पंकज के गायब होने की सूचना दी गई। पुलिस ने 48 घंटे बाद गुमशुदगी दर्ज करने की बात कर टरका दिया। पुलिस ने शनिवार को पंकज के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की।

सीसीटीवी में कॉलोनी के अंदर जाते दिखे थे पंकज

कॉलोनीवासियों ने बताया कि पंकज के लापता होने के बाद कॉलोनी के गेट पर लगे सीसीटीवी को जांचा गया तो बुधवार सुबह 9:57 बजे पंकज लोवर-टीशर्ट में सेब खाते हुए अंदर की ओर आते दिखे। कॉलोनीवासियों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। कॉलोनीवासियों ने बताया कि पुलिस को पंकज के मोबाइल की अंतिम लोकेशन झंडापुर टावर का मिला, जो कॉलोनी से सटा है। इस पर शक हुआ कि पंकज कॉलोनी के बाहर नहीं गया है। पंकज के परिजन ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मुन्ना को पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन वह नहीं गया। लोगों ने कहा कि पुलिस यदि सख्ती दिखाकर मुन्ना को बुलाती और पूछताछ करती, तो वह पकड़ा जाता।

कॉलोनीवासियों की सूझबूझ से मिला शव

कॉलोनीवासियों ने बताया कि पंकज की खोजबीन करते शनिवार सुबह साढ़े छह बजे नरेंद्र सिंह आरोपित मुन्ना के घर जाकर उसके बारे में जानकारी ली। मुन्ना ने कोई जानकारी होने से इन्कार कर दिया। नरेंद्र ने कॉलोनी के अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी। इस पर कॉलोनीवासी उनके साथ मुन्ना के घर पहुंचे, लेकिन तब तक वह घर में ताला बंद कर परिवार सहित फरार हो चुका था। उन्हें व कॉलोनीवासियों को उस पर शक हुआ और पुलिस को इसकी सूचना दी। शनिवार रात नौ बजे पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में कॉलोनीवासी मुन्ना के मकान के बेसमेंट (13 सीढ़ी नीचे) बने हिस्से में ताला तोड़कर पहुंचे। बेसमेंट में तीन कमरे बने मिले। बीच वाले कमरे में ताला बंद मिला। अन्य दोनों कमरों में फर्श पर सीमेंट की लेप मिली। शक होने पर बीच वाले कमरे का ताला तोड़कर लोग अंदर गए। कमरे के बीच में कबाड़ रखा मिला। लोगों ने उसे हटाया तो वहां जमीन धंसी मिली। लोगों को शक हुआ तो एक फीट तक खोदाई की। कुछ खास न मिलने पर सभी लौट गए। लोगों को संतुष्टि नहीं मिली तो रविवार रात को दोबारा पुलिस से वहां खोदाई करने की मांग की। रविवार रात साढ़े नौ बजे दोबारा करीब तीन फीट तक खोदाई की गई। लोगों ने कमरे में रखी पाइप को उसमें डालकर सूंघा, तो दुर्गंध आई। लोगों ने इसी में पंकज का शव होने का शक जाहिर कर पूरी तरह खोदाई करने की मांग की, लेकिन पुलिस मजिस्ट्रेट को बुलाने की बात कर चली गई। कॉलोनीवासियों ने थाना प्रभारी व पुलिस क्षेत्रधिकारी साहिबाबाद से संपर्क साधा। इस पर सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खोदाई हुई, तो पंकज का शव बरामद हुआ। लोगों ने कहा कि यदि पुलिस शनिवार को टरकाऊ रवैया न अपनाकर पूरी तरह से खोदाई करती तो पंकज का शव मिल गया होता लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

वहीं, डॉ. मनीष मिश्र (पुलिस अधीक्षक नगर) के मुताबिक,  शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजन को सौंप दिया गया है। आरोपित मुन्ना के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच जारी है।

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Posted By: JP Yadav

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