नई दिल्ली/गाजियाबाद, आनलाइन डेस्क। किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा के अहम नेताओं में शुमार किसान नेता राकेश टिकैत ने अगले साल यूपी समेत कई राज्यों में होने वाले चुनावों को लेकर बड़ी बात कही है। बुधवार को गाजियाबाद के सदर गांव में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि चुनाव के विषय में हम चुनाव आचार संहिता लगने के बाद बताएंगे।

यहां पर बता दें कि दिल्ली-एनसीआर के चारों बार्डर (सिंघु, टीकरी, शाहजहांपुर और गाजीपुर) पर विपक्षी दलों के तमाम नेता शामिल हुए हैं। वहीं, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का ताजा बयान अपने आप में रहस्य लिए हुए हैं। इससे यह नहीं पता चल रहा है कि वह यूपी समेत अन्य राज्यों में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ प्रचार करेंगे या नहीं? क्योंकि पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में राकेश टिकैत ने भाजपा के खिलाफ प्रचार किया था। इससे पहले राकेश टिकैत कई बार भाजपा को हराने की बात कह चुके हैं। 

इस बीच नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करने के बाद भी किसानों का प्रदर्शन जारी है। वहीं, भाकियू नेता राकेश टिकैत ने बुधवार को जानकारी दी है कि वह अपने प्रदर्शन कर रहे किसान भाइयों के साथ 29 नवंबर को 60 ट्रैक्टर लेकर संसद भवन की ओर मार्च करेंगे। राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि इस ट्रैक्टर मार्च का एक ही लक्ष्य है और वो है सरकार पर दबाव बनाना। गौरतलब है कि कृषि कानूनों की वापसी के बाद किसान प्रदर्शनकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने के अलावा 5 अन्य मांगों को मनवाने पर अड़ गए हैं। 

गौरतलब है कि दिल्ली के बार्डर खोलने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस बाबत कारवा के अध्यक्ष वीके मित्तल ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली जाने वाली लेन को बंद कर उनकी मुसीबत बढ़ा रखी है। प्रदर्शन की वजह से एहतियात के तौर पर पुलिस ने दिल्ली से आने वाली सर्विस लेन पर बैरिकेड्स लगाए हैं। इससे दिल्ली से आने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है। लिहाजा दिल्ली से आने वाली सर्विस लेन को खोला जाए। उन्होंने कहा कि कौशांबी के भीतर से होकर जाने वाली बसों पर रोक और यातायात प्रबंधन को लागू किया जाए।

Edited By: Jp Yadav