नई दिल्ली/साहिबाबाद, जेएनएन। दिल्ली से सटे यूपी के इंदिरापुरम में मंगलवार तड़के पांच लोगों की मौत के मामले में बुधवार शाम को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई। पुलिस के मुताबिक पीएम रिपोर्ट में साफ हुआ है कि रितिक की मौत गले में चाकू घोंपे जाने और बेटी कृतिका की गला रस्सी से कसने से हुई है। वहीं, गुलशन (हरीश) पत्नी परमीना व गुलशन (संजना) की मौत की वजह शॉक्ड हेम रेज आई है। ऊंचाई से गिरने के चलते किसी का बिसरा सुरक्षित नहीं किया गया है। रिपोर्ट में किसी के जहरीला पदार्थ खाने की पुष्टि नहीं हुई है।

क्या वारदात के दौरान सोए हुए थे बच्चे?

जिलाधिकारी से अनुमति लेकर मंगलवार रात में ही पांचों शवों का पोस्टमार्टम शुरू किया गया। इंदिरापुरम थाना प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सिंह का कहना है कि डॉ. महेन्द्र और डॉ. कैलाश के पैनल ने मंगलवार रात तीन शवों गुलशन वासुदेव (हरीश), परमीना वासुदेव और संजना( गुलशन) का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान बिजली कटौती हो गई। जनरेटर भी नहीं चला। इसके बाद बुधवार सुबह दोनों बच्चों कृतिका और रितिक का पोस्टमार्टम किया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर में कोई जहरीला पदार्थ नहीं पाया गया है। बच्चों की सोने के दौरान हत्या करने की आशंका जताई जा रही है। बच्चों ने किसी तरह का संघर्ष नहीं किया।

साथी को अखबार के जरिये मिली घटना की जानकारी

हरीश की बुआ उर्मिला का कहना है कि वह बहुत खुशमिजाज थे। दो सप्ताह से वह कारोबार और देनदारी को लेकर परेशान थे। समस्या साझा करने पर सबकुछ ठीक होने का दिलासा भी दिया था। किसी को अनुमान नहीं था कि गुलशन ऐसा कदम उठा लेंगे। वहीं, नोएडा के अट्टा में कपड़े का कारोबार करने वाले गुलशन के साथी सनी को अखबार पढ़ने के बाद घटना की जानकारी मिली। सनी का कहना है कि गुलशन को बाजार में लोग हरीश के नाम से जानते हैं। वह बेहद ही ईमानदार आदमी थे। वह पिछले आठ साल से हरीश के साथ काम कर रहे थे।

आरोपित गिरफ्तार

वहीं, इंदिरापुरम की एक सोसायटी में मंगलवार अलसुबह बेटा-बेटी की हत्या के बाद दो पत्नियों के साथ आत्महत्या मामले में मुख्य आरोपित राकेश वर्मा को पुलिस ने मोहन नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। राकेश को गुलशन वासुदेवा के फ्लैट में मिले सुसाइड नोट के आधार पर आरोपित बनाया गया है। उधर, गमगीन माहौल में चार शवों का अंतिम संस्कार किया गया, जबकि गुलशन की दूसरी प}ी संजना का शव उनकी मां दफनाने के लिए साथ ले गईं।

एसएसपी सुधीर कुमार सिंह और एसपी सिटी मनीष मिश्र ने बताया कि वर्ष 2018 में गुलशन ने अपने साढू व आरोपित राकेश को एक करोड़ नौ लाख रुपये दिए थे। यह रकम उन्होंने अपने सीए एवं सहयोगी प्रवीण बख्शी से पांच प्रतिशत ब्याज दर पर लिए थे। रकम लेने के बाद राकेश ने गुलशन को बड़े-बड़े ख्वाब दिखाते हुए कहा कि इससे हर माह लाखों रुपये का फायदा होगा। बाद में राकेश ने रकम प्रॉपर्टी के कारोबार में लगा दी। जब प्रवीण ने गुलशन पर रकम वापसी का दवाब बनाया तो उन्होंने राकेश से संपर्क किया। इसके बाद राकेश ने धोखाधड़ी कर अपनी मां फूला वर्मा के नाम से शालीमार गार्डन स्थित 200 गज के प्लॉट का प्रवीण के नाम एग्रीमेंट कर दिया, जबकि उसने पहले ही यह प्लॉट डेढ़ करोड़ रुपये में इमरान अली नामक युवक को बेच दी थी। इसकी जानकारी होने के बाद गुलशन ने रकम वापस मांगी तो उसने चेक दिए, जो बाउंस हो गए। प्रवीण समेत अन्य लोग गुलशन पर रुपये देने का दबाव बनाते रहे, पर वह किसी के रुपये नहीं लौटा पाए। आर्थिक तंगी से परेशान होकर गुलशन ने मंगलवार अलसुबह बेटे रितिक, बेटी कृतिका और एक खरगोश की हत्या की के बाद दीवार पर सुसाइड नोट लिखकर दोनों पत्नियों परमीना व संजना के साथ आठवीं मंजिल की बालकनी से छलांग लगाकर जान दे दी थी। एसएसपी ने बताया कि पुलिस अब आरोपित राकेश वर्मा की मां फूला वर्मा की तलाश कर रही है।

 

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