गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। कलक्ट्रेट स्थित जिला आबकारी अधिकारी (डीईओ) के कार्यालय में बुधवार को आबकारी इंस्पेक्टर व सिपाही आपस में भिड़ गए। दोनों ने लात-घूंसे से हमला कर एक -दूसरे को लहूलुहान कर दिया। इस दौरान कार्यालय में अफरातफरी मच गई। डीईओ ने खुद मारपीट कर रहे दोनों को अलग-अलग करने की कोशिश की। सिपाही ने इंस्पेक्टर पर जबरन भ्रष्टाचार करवाने का आरोप लगाया। वहीं, इंस्पेक्टर का आरोप है कि उच्चाधिकारियों से शिकायत करने पर सिपाही ने उन पर हमला किया है। दोनों ने कविनगर थाने में एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सिहानी गेट थाना क्षेत्र के जयप्रकाश नगर में रहने वाले सिपाही संदीप कुमार आबकारी विभाग में तैनात हैं। जिले के सेक्टर एक में उनकी ड्यूटी चल रही है। संदीप ने बताया कि बुधवार सुबह वह जिला आबकारी कार्यालय गए थे। कार्यालय में जिला आबकारी अधिकारी मुबारक अली के साथ आबकारी इंस्पेक्टर सुरेश चौधरी पहले से मौजूद थे।

सिपाही का आरोप है कि इस दौरान इंस्पेक्टर ने उनसे महीनावार वसूली करके देने की बात कही। इस पर उन्होंने वसूली करने से मना कर दिया। सिपाही ने बताया कि इंस्पेक्टर ने उन्हें धमकी देते हुए कहा कि अगर गाजियाबाद में नौकरी करनी है तो शराब तस्करों से उगाही कर उन्हें महीना देना ही होगा। इसका विरोध करने पर इंस्पेक्टर ने गाली-गलौच शुरू कर दी। विरोध करने पर मारपीट करते हुए सिपाही को धक्का दे दिया। इससे उनके हाथ और सिर में गंभीर चोट आई है। लहूलुहान होकर वह नीचे गिर गए। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद सिपाही ने अपने स्वजनों को फोन किया। मौके पर पहुंचने स्वजनों ने सिपाही को कमरे से निकाला।

सख्ती से काम कराने पर हमला करने का आरोप

थाना प्रभारी ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन की गुलमोहर गार्डन सोसायटी निवासी सुरेश कुमार आबकारी इंस्पेक्टर हैं। सेक्टर-एक में उनकी तैनाती है। इंस्पेक्टर ने तहरीर में लिखा है कि बुधवार को वह जिला आबकारी कार्यालय में बैठे हुए थे। उन्होंने डीईओ से सिपाही के काम न करने के बारे में बताया। इसके बाद डीईओ ने सिपाही संदीप को फोन कर बुला लिया। सिपाही ने उनके साथ बदसलूकी करनी शुरू कर दी। रसूखदार लोगों का नाम लेकर सिपाही ने सबक सिखाने की धमकी दी। अभद्रता करने के बाद वह उच्चाधिकारियों को भेजने के लिए सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट तैयार करने लगे।

इस पर सिपाही ने धमकी देते हुए कहा कि मुझे निलंबित नहीं बर्खास्त करा सकते। मैं तुम्हें जिंदगी से बर्खास्त कर दूंगा। इंस्पेक्टर का आरोप है कि विरोध करने पर सिपाही ने मारपीट कर दी। इससे उनकी नाक से खून बहने लगा। इसके बाद सिपाही को एक कर्मचारी के साथ कमरे में बंद कर पुलिस को फोन किया। इस पर सिपाही ने दीवार में सिर मारकर खुद को लहूलुहान कर लिया। आरोप है कि सिपाही के स्वजनों ने भी अभद्रता और धमकी दी। इस मामले में दैनिक जागरण संवाददाता ने इंस्पेक्टर को चार बार कॉल कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की। मगर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की और बाद में मोबाइल को स्विच ऑफ कर लिया।

Posted By: Mangal Yadav

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