यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ghaziabad: पार्षद अरविंद चौधरी का चुनाव निरस्त कराने की याचिका खारिज, BJP प्रत्याशी नरेंद्र नागर ने की थी दायर
वार्ड-36 प्रह्लादगढ़ी के BSP के पार्षद अरविंद चौधरी उर्फ चिंटू का चुनाव निरस्त किए जाने की याचिका अपर जिला न्यायाधीश ...और पढ़ें

गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। वार्ड-36 प्रह्लादगढ़ी के बहुजन समाज पार्टी के पार्षद अरविंद चौधरी उर्फ चिंटू का चुनाव निरस्त किए जाने की याचिका अपर जिला न्यायाधीश अरविंद कुमार यादव ने खारिज कर दी। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी नरेंद्र नागर ने नामांकन में त्रुटि और फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाकर याचिका दायर की थी। अरविंद चौधरी ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए न्याय की जीत बताई है।
2017 में याचिका की थी दायर
अधिवक्ता देवेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि नरेंद्र नागर ने वर्ष-2017 में अरविंद चौधरी का नामांकन और चुनाव निरस्त करने की याचिका दायर की। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद चौधरी के नामांकन में त्रुटि थी। उसे खारिज किया जाना था लेकिन रिटर्निंग अफसर ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद चौधरी ने अपने पक्ष में फर्जी मतदान कराकर चुनाव जीता है।
वादी और प्रतिवादी को सुनने के बाद न्यायालय ने याचिका खारिज कर दी। देवेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि न्यायालय ने नामांकन पत्र के खारिज किए जाने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के मत को सामने रखा। उसके मुताबिक कहा कि छोटी-छोटी त्रुटियों के लिए नामांकन पत्र खारिज नहीं किया जा सकता है। नामांकन पत्र में प्रत्याशी का नाम, पिता का नाम व पता सही होना चाहिए। देवेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि फर्जी मतदान का आरोप भी सही नहीं पाया गया। इस वजह से न्यायालय ने नरेंद्र नागर की याचिका खारिज कर दी।
