गाजियाबाद [अभिषेक सिंह]। शहर में रहने वाले ऐसे भवन मालिक, जिन्होंने कोरोना के कारण अपने परिवार के किसी सदस्य को खो दिया है। उनके भवन का एक साल का संपत्ति कर गाजियाबाद नगर निगम ने माफ कर दिया है। अन्य करदाताओं को वित्तीय वर्ष 2021-22 का संपत्ति कर 15 फीसद वृद्धि के साथ जमा कराना होगा, उनको कोई राहत नहीं दी गई है। इसकी वजह नगर निगम ने प्रदेश के कई जिलों की अपेक्षा गाजियाबाद में संपत्ति कर की दर पहले से ही कम होना बताया है।

महापौर आशा शर्मा ने बताया कि सर्किल रेट के आधार पर दरें निर्धारित कर उसका प्रकाशन कर आपत्तियां मांगी गई। जिसके संबंध में सुनवाई उपरांत बोर्ड के समक्ष निर्णय लिया जाना है। कोविड-19 के मद्देनजर वर्तमान परिस्थितियों में पूर्व में संपत्ति कर में बढ़ोतरी के लिए निर्धारित वृद्धि का लागू करने के लिए नगर आयुक्त को निर्देशित किया गया है। नगर आयुक्त ने बताया कि 2015 में संपत्ति कर में प्रतिवर्ष पांच फीसद वृद्धि का फैसला सदन में लिया गया है। पिछले तीन साल से संपत्ति कर में वृद्धि नहीं की गई है, जिस कारण संपत्ति कर में 15 फीसद की बढ़ोतरी का फैसला लागू रहेगा। 31 अक्टूबर तक संपत्ति कर जमा करने पर 20 फीसद, नवंबर-दिसंबर में जमा करने पर 15 फीसद, जनवरी-फरवरी में जमा करने पर 10 फीसद छूट दी जाएगी।

आशा शर्मा (महापौर) का कहना है कि शहर में विकास कार्य कराए जा सकें, इसके लिए संपत्ति कर में पहले से ही निर्धारित की गई वृद्धि के अनुसार ही 15 फीसद बढ़ोतरी की गई है। जिन परिवारों ने काेरोना के कारण अपनों को खोया है, उनसे वित्तीय वर्ष 2021-22 का संपत्ति कर नहीं लेने का निर्णय लिया गया है। जिससे की ऐसे परिवारों को राहत मिल सके।

नगर निगम अधिकतम निर्धारित दर

  • मुरादाबाद में  3.71 रुपये प्रति वर्ग फीट
  • कानपुर में  2.85 रुपये प्रति वर्ग फीट
  • प्रयागराज में  2.75 रुपये प्रति वर्ग फीट
  • लखनऊ में  2.60 रुपये प्रति वर्ग फीट
  • बरेली में 2.20 रुपये प्रति वर्ग फीट
  • सहारनपुर में   2.00 रुपये प्रति वर्ग फीट
  • गोरखपुर में 2.00 रुपये प्रति वर्ग फीट
  • गाजियाबाद में 1.90 रुपये प्रति वर्ग फीट

 

Edited By: Jp Yadav