गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। नंदग्राम की एक महिला की बीमारी का उपचार कराने के नाम पर मोरटा के एक मौलवी ने 15 लाख रुपये ठग लिए। आरोपित ने पीड़ित परिवार का पूजा-पाठ छुड़वा दिया और मुस्लिम रीति-रिवाज से सारे कर्म कराकर मतांतरण कराने का प्रयास किया। चार साल तक आरोपित के चंगुल में फंसने के कारण परिवार बर्बाद हो गया।

दंपती अपने काम से हाथ धो बैठा और बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो गई। इस समय परिवार बड़ी परेशानी से गुजर रहा है। पीड़ित महिला ने आरोपित मौलवी को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।

2009 में हो गई पति को परेशानी

नंदग्राम के दीनदयालपुरी की महिला मीनू दाई का काम करती थीं। उनके पति बबलू चालक की नौकरी करते थे। मीनू का कहना है कि वर्ष 2009 में उनके गले में परेशानी हो गई। इसका उन्होंने कई साल तक उपचार कराया लेकिन लाभ नहीं मिली। वर्ष 2016 में उनके एक रिश्तेदार ने मोरटा में मौलवी सरफराज के बारे में बताया और कहा कि वह अच्छा उपचार करता है।

पूजा-पाठ बंद कराया, घर से मूर्तियां हटवाई

मीनू का कहना है कि वह मौलवी के पास जाने से पहले काफी पूजा-पाठी थीं। मौलवी के पास जाने के बाद उसने बीमारी समाप्त होने का झांसा दिया और हर प्रकार का पूजा-पाठ, उपवास, तीज-त्योहारों पर रोक लगाने के लिए कहा और घर से मूर्तियां भी हटवा दीं। आरोपित बीमारी सही होने का झांसा देकर उनसे मुस्लिम रीति-रिवाज से सारे कर्म कराने लगा।

पांच साल में आरोपित ने विभिन्न प्रकार के उपचार के नाम पर उनसे 15 लाख रुपये हड़प लिए। आरोप है कि आरोपित मौलवी ने उनका मतांतरण कराने का प्रयास किया और पूजा-पाठ बंद रखने के लिए कहा। इस पर मीनू को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ और वह मौलवी के चंगुल से निकल गई।\

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मीनू का कहना है कि उनके परिवार का सभी प्रकार का रोजगार चला गया है और बच्चों की पढ़ाई भी छूट गई है। पूरा परिवार सड़क पर आ गया है। पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस से की। मधुबन बापूधाम थाना प्रभारी मुनेश कुमार सिंह का कहना है कि पीड़िता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Geetarjun

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