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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 21, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Loni Viral Video Incident: पूछताछ में गुमराह करता रहा उम्मेद, सख्ती पर खोला मुंह, बोला राजनीतिक लाभ लेने के लिए वीडियो किया था वायरल

By Vinay Kumar TiwariEdited By:
Published: Mon, 21 Jun 2021 03:12 PM (IST)

Loni Viral Video Incidentलोनी में बुजुर्ग से मारपीट के मामले में सपा नेता उम्मेद पहलवान ने राजनीतिक लाभ लेने के ...और पढ़ें

कार्रवाई से बचने को उम्मेद ने तैयार करा लिया था फर्जी शपथपत्र।
कार्रवाई से बचने को उम्मेद ने तैयार करा लिया था फर्जी शपथपत्र।

गाजियाबाद, आशुतोष गुप्ता। लोनी में बुजुर्ग से मारपीट के मामले में सपा नेता उम्मेद पहलवान ने राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से वीडियो से छेड़छाड़ की और उसमें आवाज बदलकर वायरल किया। आपसी सौहार्द बिगाड़कर वह आगामी विधानसभा चुनाव में लाभ लेना चाहता था। इसके चलते वीडियो वायरल होने वाले दिन ही अब्दुल समद व उसके बेटे को अपने कब्जे में ले लिया और उन्हें बंधक बना लिया था। उम्मेद को शक था कि कहीं अब्दुल समद व उसका बेटा किसी के सामने सही बात न बोल दे और उसकी बुरी मंशा, जिससे वह सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना चाहता था पर कहीं पानी न फिर जाए।

इसके चलते वह अब्दुल समद व उसके बेटे को अपने साथ लेकर बुलंदशहर व दिल्ली लेकर घूमता रहा और उन्हें डरा-धमकाकर किसी से बात नहीं करने दी। इसके साथ ही उम्मेद ने एक फर्जी शपथपत्र भी तैयार करा लिया था। इस शपथपत्र में उसने अब्दुल समद की तरफ से जबरन लिखवाया था कि इस प्रकरण में उम्मेद की कोई गलती नहीं है। सारी गलती मेरी है, मैंने ही उम्मेद को गलत जानकारी दी थी। इस शपथ पत्र की नोटेरी सोमवार को कराई जानी थी लेकिन उससे पहले ही उम्मेद पुलिस की पकड़ में आ गया। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद जब उम्मेद से पूछताछ की तो उसने यह सब बातें बताईं।

पुलिस पूछताछ में पहले तो उम्मेद झूठ बोलकर पुलिस को गुमराह करता रहा लेकिन जब पुलिस ने सख्ती की तो उसने सच कबूल कर लिया। उम्मेद ने पूछताछ में कबूल किया है कि वह इस मौके को भुनाकर राजनीतिक लाभ कमाना चाहता था। उसे उम्मीद थी कि वह इस वीडियो के माध्यम से बड़ा नेता बन जाएगा। इसी के चलते उसने वीडियो से छेड़छाड़ की और तथ्यों को छुपाया।

साहिबाबाद के एक पार्षद को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लेगी पुलिस

इस मामले में साहिबाबाद के एक पार्षद की भूमिका भी संदेह के घेर में है। पुलिस पार्षद को भी हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस पार्षद ने ही अब्दुल समद को उम्मेद से मिलवाया था। अब्दुल समद सबसे पहले इसी पार्षद के संपर्क में आया था और फिर उसे लोनी भेजा गया था। इसके बाद ही पूरा प्रकरण शुरू हुआ।

और लोगों पर भी पुलिस कस सकती है शिकंजा

पुलिस इस मामले में अन्य कई लोगों पर भी शिकंजा कस सकती है। उम्मेद से पूछताछ के बाद इस मामले में कई अन्य लोगों की संलिप्तता भी पुलिस को मिली है। उम्मेद के मोबाइल फोन की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) व अन्य माध्यमों से भी कई लोगों के बारे में जानकारी मिली है जो इस प्रकरण में शामिल थे। पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।

एसएसपी का बयान

पूछताछ में उम्मेद पहलवान ने कबूल किया है कि उसने राजनीतिक लाभ लेने के लिए वीडियो वायरल किया था। उसने वीडियो से छेड़छाड़ की और तथ्यों को छुपाया। इस मामले में कई और लोगों की संलिप्तता उजागर हो रही है। पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।अमित पाठक, एसएसपी, गाजियाबाद