नई दिल्ली/गाजियाबाद/नोएडा, आनलाइन डेस्क। नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों निरस्त करने के बाद भी किसान आंदोलन जारी रहने पर सवाल उठने लगे हैं। इसमें भी भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत विरोधियों के निशाने पर हैं। इस बीच भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने राकेश टिकैत  पर बेहद गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि राकेश टिकैत फंडिंग के ऊपर काम करते हैं। भानु प्रताप सिंह ने फिर आरोप लगाया है कि कांग्रेस की फंडिंग से ये आंदोलन चल रहा है। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा है कि जब कानून तीनों केंद्रीय कृषि कानून वापस ले लिए गए हैं तो फिर भी ये बार्डर खाली नहीं कर रहे हैं। तो ये ऐसे नहीं बलपूर्वक हटेंगे। 

गौरतलब है कि 26 जनवरी को दिल्ली में लाल किला में हुई हिंसा के बाद आंदोलन से खुद को अलग करने वाले  भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह लगातार राकेश टिकैत हमलावर हैं। वह लगातार राकेश टिकैत से जुड़े विवादित बयान भी देते रहे हैं। पिछेल महीने भानु प्रताप सिंह ने गाजीपुर, सिंधु और टिकरी बार्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों को आतंकी संगठन करार दिया था। इसके साथ ही उन्होंने टिकैत को भी आतंकवाती बताया था।

भानु प्रताप सिंह ने कहा था कि बार्डर पर बैठे किसान नहीं, बल्कि आतंकी हैं। उनका नेता राकेश टिकैत सबसे बड़ा आतंकवादी है। 26 जनवरी को हुई हिंसा का जिक्र करते हुए भानु प्रताप सिंह ने कहा था कि जिस तरह से लाल किले पर तिरंगा हटाकर दूसरा झंडा फहराया गया, वह आतंकवादियों की ही करतूत हो सकती है। राकेश टिकैत को लेकर उन्होंने कहा था कि अगर मैं प्रधानमंत्री होता तो राकेश टिकैत को कब का जेल भेज दिया होता. तिहाड़ जेल राकेश टिकैत का इंतजार कर रही है पता नहीं कब नंबर आ जाए।

Edited By: Jp Yadav