गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने शनिवार को नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी (ई-सिटी) से साहिबाबाद तक मेट्रो की संशोधित डीपीआर जीडीए को सौंप दी। उसमें डीएमआरसी ने बताया है कि कॉरिडोर के निर्माण में 1517 करोड़ रुपये की लागत आएगी। साथ ही सुझाव दिया है कि कॉरिडोर के दोनों तरफ 500 मीटर एरिया में अतिरिक्त तल क्षेत्र (एफएआर) बेच कर और ट्रांजिट ओरिएंटिड डेवलपमेंट (टीओडी) से जीडीए और उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद 1408.92 रुपये की कमाई कर सकता है। इससे लागत की काफी हद तक भरपाई की जा सकती है। डीपीआरसी ने डीपीआर में बताया है कि इस कॉरिडोर के निर्माण में चार साल चार दिन का वक्त लगेगा।

ब्लू लाइन को मिला है विस्‍तार

संशोधित डीपीआर के मुताबिक नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से ब्लू लाइन मेट्रो कॉरिडोर को साहिबाबाद तक विस्तार दिया जाएगा। अब इसकी लंबाई 5.017 किलोमीटर होगी। संशोधित डीपीआर में अलाइनमेंट में बदलाव किया गया है।

यह रहेगा रूट

अब मेट्रो कॉरिडोर एनएच-9 को क्रॉस कराते हुए सीआइएफ मोहननगर लिंक रोड पर लाया जाएगा। यहां से हिंडन नहर के पहले तक कॉरिडोर रोड के बीचो-बीच बनेगा। फिर इसे टर्न करते हुए एलिवेटेड रोड के ऊपर से बनाया जाएगा। इसके बाद कॉरिडोर का रुख मोहननगर लिंक रोड के किनारे वसुंधरा सेक्टर-सात और सेक्टर-नौ के बीच की रोड पर मोड़ दिया जाएगा। यहां से होते हुए इसे भगवान महावीर चौक, भगवान महावीर मार्ग के रास्ते बनाया जाएगा। फिर ग्रीन बेल्ट से टर्न देते हुए कॉरिडोर को मदनमोहन मालीवीय मार्ग पर वैशाली से मोहननगर तक प्रस्तावित मेट्रो लाइन पर साहिबाबाद स्टेशन में जोड़ दिया जाएगा।

रैपिड रेल से होगा कनेक्‍ट

साहिबाबाद में ही रैपिड रेल का स्टेशन बनेगा, उससे कनेक्ट करने के लिए इस मेट्रो कॉरिडोर के अलाइनमेंट में बदलाव किया गया है। पहले यह कॉरिडोर एलिवेटेड रोड पार करने के बाद मोहननगर लिंक रोड के बीच से ही गुजरना था और इसे मोहननगर तक बनाना था। संशोधित डीपीआर में कॉरिडोर की लागत 1517 करोड़ रुपये प्रस्तावित की गई है। जिसमें 20 फीसद केंद्र सरकार अंशदान देगी। 80 फीसद का अंशदान राज्य सरकार के हिस्से में डाला गया है। बता दें कि मूल डीपीआर में कॉरिडोर की लंबाई 5.917 किलोमीटर थी। लागत 1786 करोड़ रुपये बताई गई थी।

स्टेशन : वैभवखंड, डीपीएस इंदिरापुरम, शक्तिखंड, वसुंधरा सेक्टर-7 और साहिबाबाद में बनेगा

पेड़ कटेंगे : 540 पेड़ (आठ साल में 94.2 टन कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण में बढ़ेगी, 211.70 टन ऑक्सीजन का नुकसान होगा)

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Posted By: Prateek Kumar

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