गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। पूर्वोत्तर रेलवे के गोंडा स्टेशन पर यार्ड रिमाडलिंग का कार्य होना है। इस कारण 18 मई से 10 जून तक कई ट्रेनों को रद किया गया है। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) दीपक कुमार ने बताया कि ट्रेनों को रद करने के साथ कुछ ट्रेनों का रूट बदला गया है तो कई को रास्ते में रोककर चलाया जाएगा।

रद हुई ट्रेनों में 10 गाजियाबाद जंक्शन पर भी रुकती हैं, जो 30 मई से 10 जून के बीच अलग-अलग तिथियों पर रद रहेंगी। साथ ही 31 मई को आनंद विहार टर्मिनल-बापूधाम मोतिहारी चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेस लखनऊ मंडल में 45 मिनट रोककर चलाई जाएगी।

गाजियाबाद में रुकने वाली ये ट्रेन इन तिथियों पर नहीं चलेंगी

15273 रक्सौल-आनंद विहार टर्मिनल सत्याग्रह एक्सप्रेस 31 मई से आठ जून तक

15274 आनंद विहार टर्मिनल-रक्सौल सत्याग्रह एक्सप्रेस एक जून से नौ जून तक

15621 कामाख्या-आनंद टर्मिनल साप्ताहिक एक्सप्रेस दो जून को

15622 आनंद विहार टर्मिनल- कामाख्या साप्ताहिक एक्सप्रेस तीन जून को

15279 सहरसा-आनंद विहार टर्मिनल पुरबिया एक्सप्रेस पांच जून को

15280 आनंद विहार टर्मिनल-सहरसा पुरबिया एक्सप्रेस छह जून को

15707 कटिहार-अमृतसर आम्रपाली एक्सप्रेस 30 मई से सात जून तक

15708 अमृतसर-कटिहार आम्रपाली एक्सप्रेस तीन जून से 10 जून तक

14010 आनंद विहार टर्मिनल- बापूधाम मोतिहारी चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेस 30 मई और चार व छह जून को

14009 बापूधाम मोतिहारी-आनंद विहार टर्मिनल चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेस 31 मई और पांच व सात जून को

डीएमइ मुआवजा घोटाला, 22 करोड़ का घपला उजागर, एफआइआर दर्ज

उधर, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे (डीएमइ) के लिए भूमि अधिग्रहण में भारी अनियमितता बरती गई। ताजा मामला फर्जीवाड़े से 22 करोड़ रुपये मुआवजा लेने का उजागर हुआ है। मामले में प्रशासन ने सिहानी गेट थाने में फर्जीवाड़े के आरोप में एफआइआर दर्ज कराई है। जल्द ही आरोपितों से वूसली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

डीएमइ के भूमि अधिग्रहण मामले में अनियमितताओं के चलते पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद की तत्कालीन डीएम निधि केसरवानी के निलंबन व तत्कालीन डीएम विमल कुमार शर्मा के खिलाफ एफआइआर के आदेश दिए थे। इसके बाद से जिला प्रशासन के अधिकारी और अधिक सतर्क हो गए थे। उक्त परियोजना के संबंधित मुआवजा व अवैध खातों की जांच और अधिक गहनता से शुरू की।

एडीएम प्रशासन ऋतु सुहास ने बताया कि जांच के दौरान मटियाला व रसूलपुर सिकरोड़ा की जमीनों पर मुआवजा लेने का मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। इसके बाद तहसीलदार सदर से जांच कराई गई तो पता चला कि अशोक सहकारी समिति के सचिव अरुण गुप्ता, सदस्य गोल्डी गुप्ता व अन्य द्वारा फर्जीवाड़ा कर गलत तरीके से मुआवजा लेकर राज्य सरकार को 22 करोड़ा रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई। मामले में इनके खिलाफ एफआइआर दर्ज करा दी गई है। फर्जीवाड़ा कर मुआवजा लेने के मामले में जल्द वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही इस मामले में भी एफआइआर दर्ज कराई जाएगी।

Edited By: Abhishek Tiwari

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट