जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। जनता और अफसरों की लापरवाही का फायदा उठाकर कोरोना वायरस को अपना कुनबा बढ़ाने में मदद मिल रही है। रेलवे स्टेशन पर बनाए गए कोविड हेल्प डेस्क से स्वास्थ्यकर्मी गायब हो गए हैं। स्टेशन के दोनों ओर प्रवेश द्वार पर बनाए गए हेल्प डेस्क पर नशा करने वालों ने कब्जा कर लिया है। हेल्प डेस्क का बैनर भी फाड़ दिया गया है। इससे कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर केरल और महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों की कोरोना जांच के लिए दो कोविड हेल्प डेस्क बनाई गई थीं। हेल्प डेस्क एफओबी पर विजय नगर और सिटी की तरफ बनाई गई। हेल्प डेस्क पर कोरोना की जांच के साथ ही यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जानी थी। हेल्प डेस्क बनने से पहले प्रशासनिक अफसरों ने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया था।

रेलवे अधिकारियों ने हेल्प डेस्क बनाने के लिए जगह उपलब्ध कराई थी। हेल्प डेस्क बनने के दो दिन बाद ही यहां से स्वास्थ्यकर्मी गायब हो गए। हेल्प डेस्क की टेबल व कुर्सी को जंजीर में ताला लगाकर एफओबी से बांध दिया गया है। सोमवार को जागरण संवाददाता ने जायजा लिया तो हेल्प डेस्क पर बैठकर युवक नशा कर रहे थे। आरपीएफ भी युवक को देखकर मूकदर्शक बनी हुई थी।

ट्रेन से उतरकर सीधे घर जा रहे यात्री

केरल व महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों की जांच नहीं हो रही है। यही वजह से कि प्रशासन जिले में कोरोना संक्रमण को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। ट्रेन से उतरकर यात्री जांच कराए बिना ही घर जा रहे हैं। यहां तक कि ज्यादातर यात्री मास्क तक नहीं लगा रहे हैं। जबकि प्रशासनिक अधिकारियों ने केरल और महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों का ट्रेन से उतरने के बाद कोरोना टेस्ट कराने का दावा किया था।

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हेल्प डेस्क पर बैठकर यदि कोई व्यक्ति नशा करता है तो कार्रवाई की जाएगी। एफओबी पर आरपीएफ के जवान तैनात हैं।

पीकेजीए नायडू, थाना प्रभारी, आरपीएफ

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यदि स्वास्थ्यकर्मी भाग गए हैं तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

एनके गुप्ता, सीएमओ

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