गाजियाबाद, ऑनलाइन डेस्क। प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे (Delhi Meerut Expressway) पर बृहस्पतिवार से वाहन फर्राटा भरेंगे। इस एक्सप्रेस-वे को सुबह सात बजे पब्लिक के लिए खोल दिया जाएगा। एनएचएआइ ने प्रोजेक्ट कार्य पूरा करने के साथ ही फिनिशिंग का काम भी मंगलवार देर शाम को खत्म कर लिया है। पहले दिन से ही एक्सप्रेस-वे पर करीब पचास हजार वाहनों के आवागमन का अनुमान है। टोल दरें तय न होने की वजह से फिलहाल वाहनों से टोल नहीं वसूला जाएगा। टोल वसूलने के लिए आटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर सिस्टम का इस्तेमाल करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं।

पांच करोड़ की लागत से तैयार हो रहा एक्सप्रेस वे

पांच हजार करोड़ की लागत से तैयार हुए एक्सप्रेस-वे के बनने से दिल्ली से मेरठ की दूरी 45 मिनट एवं गाजियाबाद से 25 मिनट में पूरी होगी। 85 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे के चारों चरणों में 90 अंडरपास, 38 पुल,फ्लाओवर एवं आरओबी, 8 एफओबी,4874 लाइट्स लगाने के साथ ही 197 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

पहले यह जानें किस राज्य में कितने किलोमीटर फैला है दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे

यह दिल्ली में 8.7 किलोमीटर है। वहीं दिल्ली से सटे यूपी के गाजियाबाद जिले में यह 42 किलोमीटर आता है।

 

जानें यह खासियत

  • इस हाईवे पर 5 फ्लाईओवर हैं और 4 अंडरपास हैं।
  • चार फुटओवर ब्रिज भी इस एक्सप्रेसवे पर आपको मिलेंगे।
  • यह एक्सप्रेस-वे पूरी तरह सिग्नल फ्री है।
  • देखने में खूबसूरत दिखे इसके लिए इस एक्सप्रेस वे पर कुतुब मीनार, अशोक स्तंभ जैसे पुरातत्व विरासतों के स्मारक चिह्न भी स्थापित किए गए हैं।
  • हाईवे के दोनों तरफ वर्टिकल गार्डन विकसित किए गए हैं जो आपके रास्ते के सफर को मनमोहक बना देंगे।
  • सड़क के दोनों तरफ ढाई मीटर का साइकिल पाथ भी बना है।
  • दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर सोलर सिस्टम से चलने वाली लाइटें लगी हैं। इससे उर्जा की बजत होगी।
  • दिल्ली-मेरठ हाईवे दिल्ली से डासना तक 14 लेन का है।
  • डासना से मेरठ तक यह हाईवे 6 लेन का हो जाएगा।

  • यह डासना के पास इस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे में यह एक्सप्रेस-वे मिल जाता है।

 

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