गाजियाबाद, मदन पांचाल। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के चौथे चरण में मानसून आने से पहले ही निर्माण टूटने एवं धंसने लगा है। डासना से मेरठ के बीच बनाए गए सात सौ मीटर लंबे एलिवेटेड रोड की आकाश नगर के पास मिट्टी भी धंसने लगी है। मिट्टी धंसने से एलिवेटेड रोड की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। यदि शीघ्र ही इसे ठीक नहीं किया गया तो एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा हो सकता है।

डासना से मेरठ के बीच एक्सप्रेस-वे की मुख्य लेन के दोनों तरफ मिट्टी धंसने, पानी निकासी के लिए बनाई गई नालियों के टूटने और सड़क के बीच कई स्थानों पर छोटे-बड़े गड्ढे मिलने के बाद निर्माण कंपनी के अलावा एनएचएआइ के अफसरों की नींद उड़ गई है। बृहस्पतिवार को हुई बारिश के चलते कई स्थानों पर निर्माण टूट गया है। एक्सप्रेस-वे पर बारिश का पानी भरने से सड़क एवं फुटपाथ में दरारें आ गई हैं।

बारिश का पानी निकालते रहे कर्मचारी

बृहस्पतिवार को एनएचएआइ के अफसरों के निर्देश पर निर्माण कंपनी के दर्जनों कर्मचारी बारिश का पानी निकालने में जुटे रहे। इसके लिए एक वाहन का भी उपयोग किया गया। वाहन के जरिये पानी को समेटकर ड्रेनेज होल तक लाया गया और कर्मचारी होल में लोहे की राड डालकर उसमें जमे कंक्रीट को तोड़कर पानी निकालने का प्रयास करते रहे। यह कंक्रीट निर्माण कंपनी की लापरवाही की वजह से ही ड्रेनेज होल में जमा रह गया है। इसे निर्माण के समय ही निकाला जाना चाहिए था।

पक्ष देने से बच रहे हैं अफसर

डीएमई के निर्माण में मिल रही खामियों को लेकर संबंधित अफसर अब अपना पक्ष देने से बच रहे हैं। इस संबंध में एनएचएआइ के परियोजना निदेशक मुदित गर्ग से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया किया गया। लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। एसएमएस का भी कोई जवाब नहीं दिया।

Edited By: Vinay Kumar Tiwari