गाजियाबाद [हसीन शाह]। इंटरनेट के माध्यम से अपराध करने वाले साइबर अपराधी अब सीबीआइ से नहीं बच पाएंगे। एडवांस लेवल टेलीकाम ट्रेनिंग सेंटर (एएलटीटीसी) पर इंटरनेट तकनीक से ऐसे अपराध करने वाले अपराधियों को पकड़ने के लिए सीबीआइ को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। मार्च के बाद प्रशिक्षण शुरू होगा। एएलटीटीसी के मुख्य महाप्रबंधक सुभाष चंद ने बताया कि सीबीआइ को आफलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। हालांकि अभी कोरोना महामारी का दौर चल रहा है। यदि कोरोना का खतरा बढ़ता है, तो आनलाइन प्रशिक्षण भी दिया जा सकता है। अभी प्रशिक्षण की तिथि तय नहीं हुई है।

उम्मीद है कि मार्च के बाद प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। इसमें सीबीआइ को साइबर अपराध के तरीके, डिजिटल सबूत एकत्रित करना, अपराधी को ट्रेस करने करने की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। एएलटीटीसी में साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए तकनीक विकसित की जा रही थी। इस तकनीक से अब सीबीआई को रूबरु कराया जाएगा।

इन बिंदुओं पर भी होगा प्रशिक्षण

सीबीआइ को टावर, डाटा स्पीड, सिग्नल स्ट्रैंथ, कंट्रोलर, वायरलेस क्वालिटी, नेटवर्क मैनेजमेंट सिस्टम, सर्वर, स्टोरेज डेटाबेस आदि का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। क्योंकि इन सब से ही 5जी इंटरनेट चलता है। घर का कोई भी इंटरनेट से जुड़ा कचरे की जांच करना, ई-कचरे से महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करना, आदि बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। कचरा भी साइबर हमलावरों व घटना से जुड़े व्यक्ति तक पहुंचने में मददगार होता है।

मुख्य महाप्रबंधक, एएलटीटीसी सुभाष चंद ने बताया कि सीबीआइ को विशेष साइबर फोरेंसिक का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण दो सप्ताह का होगा। इंटरनेट तकनीक से अपराध करने वाले अपराधियों को पकड़ने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। खासकर 5जी आने के बाद हालात बिल्कुल बदल जाएंगे। इस लिए इसकी सुरक्षा अतिमहत्वपूर्ण है।

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