साहिबाबाद [धनंजय वर्मा]। प्रशासन की लगातार कार्रवाई के बाद भी दिन प्रतिदिन जनपद में प्रदूषण का

स्तर बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को गाजियाबाद व नोएडा संयुक्त रूप से देश के सबसे प्रदूषित शहर रहे। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 486 रहा, जो बेहद खतरनाक है। वहीं, प्रशासन व उत्तर प्रदेश प्रदूषण

नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) की टीम ने प्रदूषण फैला रहे रेलवे, एनएचएआइ व एक बिल्डर पर 2.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।

शहर स्माॅग का चेंबर

शहर स्माॅग का चेंबर बना हुआ है। प्रदूषण के स्तर को देखते हुए निर्माण कार्य पर रोक है। इसके बावजूद भी सरकारी व निजी कार्यदायी संस्थाएं निर्माण कार्य जारी रख प्रदूषण फैल रही हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़े देखे जाए तो गाजियाबाद और नोएडा में प्रदूषण का स्तर मानक से पांच से छह गुना अधिक है। प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए प्रशासन व यूपीपीसीबी लगातार कार्रवाई कर रहा है।

ठेकेदार पर एक करोड़ का जुर्माना

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा के मुताबिक बृहस्पतिवार को प्रदूषण फैलाने पर रेलवे पर 11 लाख रुपये, सिद्धार्थ विहार में बिल्डर एपेक्स दा क्रेमलिन पर एक करोड़ एक लाख रुपये रुपये, दिल्ली-मेरठ

एक्सप्रेस वे का निर्माण कर रहे एनएचएआइ के ठेकेदार एपको कंपनी पर एक करोड़ एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने के साथ साइट पर काम कर रहे नौ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। वहीं, एनएचएआइ पर भी एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

बृहस्पतिवार को प्रदूषण का स्तर :

इलाका पीएम-2.5 पीएम-10

वसुंधरा 488 481

इंदिरापुरम 490 459

संजय नगर 469 395

लोनी 471 444

वायु गुणवत्ता सूचकांक मानक

स्तर मानक

0-50 अच्छा

51-100 संतोषजनक

101-200 मध्यम

201-300 खराब

301-400 बेहद खराब

400 या अधिक गंभीर

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Posted By: Prateek Kumar

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