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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हैवानियत की कहानी: गाजियाबाद में पालनहार ने ही की थी बच्ची से दरिंदगी के बाद हत्या, बनाए थे अप्राकृतिक संबंध

By Jagran NewsEdited By: Abhishek Tiwari
Published: Wed, 15 Mar 2023 02:24 PM (IST)

बच्ची का पिता शराब पीने का आदी था। उसकी 28 जनवरी 2023 को मौत हो गई थी। उसकी मां मानसिक ...और पढ़ें

हैवानियत की कहानी: गाजियाबाद में पालनहार ने ही की थी बच्ची से दरिंदगी के बाद हत्या
हैवानियत की कहानी: गाजियाबाद में पालनहार ने ही की थी बच्ची से दरिंदगी के बाद हत्या

गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। पालनहार ने चार साल की मासूम बच्ची के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं। उसने बच्ची के साथ अप्राकृतिक संबंध भी बनाए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके साथ हुई हैवानियत की कहानी बयां हुई है। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से रोंगटे खड़े कर देने वाले सच उजागर हुए हैं। बच्ची के गुप्तांग पर चोट के निशान मिले हैं।

अप्राकृतिक संबंध बनाने की पुष्टि हुई है। मुंह और गला दबाए जाने से घूट-घूटकर मरने की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम से 27 घंटे पहले बच्ची की मौत होने की पुष्टि हुई है। इससे साफ हो गया कि उसने 11 मार्च की दोपहर में ही वारदात को अंजाम दे दिया था।

पालन-पोषण की आड़ में लूटता रहा आबरू

पुलिस के अनुसार, बच्ची का पिता शराब पीने का आदी था। उसकी 28 जनवरी 2023 को मौत हो गई थी। उसकी मां मानसिक रोगी है। वह यहां से कहीं चली गई है। वहीं बच्ची आरोपित की पत्नी को बुआ और आरोपित को फूफा कहती थी। 28 जनवरी को ही आरोपित की पत्नी ने पालन-पोषण करने के लिए बच्ची को अपने साथ रख लिया था। आरोपित से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि शुरू से ही उसने बच्ची पर गंदी नजर रखनी शुरू कर दी थी। मौका पाकर उसके साथ कई बार दरिंदगी की थी।

जल्द सजा दिलाने को प्रभावी पैरवी करेगी पुलिस

विवेक चंद यादव ने बताया कि आरोपित को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य, गवाहों के बयान और सीडीआर से मिले साक्ष्यों से मुकदमे को मजबूत बनाया जाएगा। कोशिश रहेगी कि जल्द से जल्द आरोपित को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।

कुंठित मानसिकता का है आरोपित वरिष्ठ मनोचिकित्सक डा. संजीव त्यागी ने बताया कि इस तरह की हरकत कामकुंठा से ग्रसित लोग करते हैं। उन्हें रिश्तों से कोई लेना देना नहीं होता है। उनमें चारित्रिक विकार होता है। परिवार के सदस्यों की जिम्मेदारी है कि ऐसे लोगों की पहचान करके उनका समय से उपचार कराएं।