गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। गाजियाबाद में एक चालक का अपहरण कर बस लूटने व हत्या करने वाले चार दोषियों को शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश हीरा लाल की अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई। मामला कविनगर थानाक्षेत्र का था। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 60 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त समय जेल में बिताना पड़ेगा।

हाथ-पैर बांधकर किया था अपहरण

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता वीरेश त्यागी ने बताया कि अशोक त्यागी दिल्ली के रहने वाले ओमपाल की बस का चालक था। वह गाजियाबाद में बस चलाता था। 11 मार्च 2014 की रात बस एएलटी सेंटर के पास खड़ी थी। चालक अशोक त्यागी बस में सो रहा था। इसी दौरान राजपाल, ब्रह्म सिंह, अनुज व मुकेश गर्ग वहां पहुंचे। चालक से बस लूटी और उसके हाथ-पैर बांधकर अपहरण कर मथुरा ले गए।

पूलिस पूछताछ में हत्या की बात कबूली थी

गला दबाकर अशोक त्यागी की हत्या कर शव मथुरा में ही फेंक दिया। बस मालिक ओमपाल की शिकायत पर पहले पुलिस अपहरण व लूट के मामले की जांच कर रही थी। 30 मार्च 2014 को पुलिस ने उपरोक्त चारों को गिरफ्तार कर बस को बरामद किया। पूछताछ में इन्होंने चालक की हत्या कर शव फेंकने की बात कबूली। इसी के बाद मामले में हत्या की धारा जोड़ी गई।

चोरी की बस न बिकने पर वापस लेकर आए गाजियाबाद

चारों ने बताया कि उन्होंने लूटी बस को बेचने का काफी प्रयास किया, लेकिस बस नहीं बिक सकी। इसी कारण वह बस को लेकर गाजियाबाद वापस आए। पुलिस ने चारों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र पेश किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश हीरा लाल की अदालत में चल रही थी। पुख्ता साक्ष्यों व गवाहों के बयान के आधार पर गाजियाबाद की अदालत ने चारों (राजपाल, ब्रह्म सिंह, अनुज व मुकेश गर्ग) को दोषी करार देते हुए उपरोक्त सजा सुनाई।

Edited By: JP Yadav