मोदीनगर में विकास की दोहरी तस्वीर: शहर में चमक, गांवों में चुनौतियां बरकरार
मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र में विधायक डॉ. मंजू शिवाच के कार्यकाल में शहरी इलाकों में विकास हुआ है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों ...और पढ़ें

मोदीनगर विधायक डॉ. मंजू शिवाच। (सौ- इंटरनेट मीडिया)
HighLights
मोदीनगर शहर में आरओबी, कॉलेज, बसस्टैंड का सौंदर्यीकरण हुआ।
ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव, जर्जर सड़कें और बिजली की समस्या।
विधायक ने ग्रामीण सड़कों के निर्माण और अन्य विकास कार्य गिनाए।
जागरण संवाददाता, मोदीनगर (गाजियाबाद)। मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र में लगातार दूसरी बार भाजपा से डा. मंजू शिवाच विधायक हैं। उनके अब तक के कार्यकाल में शहरी इलाके में विकास हुआ, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अब भी समस्याएं जस की तस बनीं हैं।
मोदीनगर में कन्या डिग्री कालेज, इंटर कालेज, अक्षय पात्र व ड्रग वेयर हाउस का निर्माण हुआ। साथ ही मोदीनगर रेलवे स्टेशन, बसस्टैंड का सुंदरीकरण हुआ। सबसे बड़ी सौगात शहरवासियों को राजचौपले पर आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) की मिली। अभी निर्माण कार्य चल रहा है।
इससे शहर की मुख्य समस्या में से एक जाम का समाधान होगा। हापुड़ रोड पर भी चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। शहर के सड़कों की मरम्मत के साथ जलभराव की समस्या से भी निजात मिली। हालांकि, ट्रामा सेंटर की मांग अब ठंडे बस्ते में है।
अब तक इसका रास्ता साफ नहीं है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में फिलहाल समस्याएं जस की तस बनीं हैं। भोजपुर, भनैड़ा समेत तमाम गांवों में आज भी पानी की निकासी नहीं है। अधिकांश जगह जलभराव बना रहता है। ऐसी ही हालत जगतपुरी कालोनी में भी है।
त्योडी, भंदौला, अमराला, शकूरपुर, भंडौला, कलछीना, सीकरी खुर्द समेत तमाम संपर्क मांर्गों की हालत जर्जर है। गांव जाने के लिए गड्ढों के बीच से गुजरना पड़ता है।
मोदीनगर में लाइनपार क्षेत्र के इलाकों में क्षेत्र की बड़ी आबादी रहती है। यहां विद्युत आपूर्ति की बड़ी समस्या बनीं रहती है। इस पर हाल ही में पांच केवी से दस केवी क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया गया है।
क्या बोले लोग
गांव जाने वाले अधिकांश रास्ते आज भी जर्जर हालत में है। जगह-जगह सड़के टूटी हैं। कुछ जगह गड़ढे हैं, जबकि अधिकांश में निर्माण सामग्री सड़क पर फैली हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य कराने की फिलहाल जरूरत है।
-निशांत त्यागी, खिंदौड़ा
पिछले दस साल में मोदीनगर में तमाम विकास कार्य हुए, इनमें अधिकांश कार्य वह है, जिनसे जनता त्रस्त थी। आज वर्षा के बाद मोदीनगर में जलभराव नहीं होता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सफाई सभी मुद्दों पर मोदीनगर में कार्य हुआ है।
-राजकुमार गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष, बार एसोसिएशन मोदीनगर।
दस साल के भीतर मोदीनगर में बड़ा बदलाव देखने काे मिला है। आज शहर की सड़कों की हालत पहले से बेहतर है। रेलवे स्टेशन व बसस्टैंड का सुंदरीकरण हुआ है। जल्द आरओबी तैयार हो जाएगा, इससे शहर के प्रत्येक वर्ग को फायदा मिलेगा।
-वीरेंद्र चौधरी, गोविंदपुरी
गांव के जर्जर रास्तों पर ध्यान देने की फिलहाल जरूरत है। अधिकांश गांवों के तालाबों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। सीकरी-कलछीना मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत है। यह हालत जब है कि रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण यहां से गुजरते हैं।
-राहुल गुर्जर, सीकरी खुर्द
नंबर गेम
- मोदीनगर विधानसभा में कुल मतदाता : 3,08,988
- पुरूष मतदाता -166841
- महिला मतदाता -142126
- अन्य-21
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मेरे द्वारा विधानसभा क्षेत्र में तमाम काम कराए गए हैं। ग्रामीण इलाकों के जो रास्ते लंबे समय से बदहाल थे, वहां सड़क बनाई गई। चुड़ियाला, तलहैटा, जोया, फतेहपुर, मुकमीपुर, सीकरी कला, सुहाना, खिदौंड़ा के सड़क पर इंटरलाकिग टाइल्स लगाई गई हैं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर भोजपुर व चुड़ियाला में उतार-चढ़ाव के लिए रास्ता, ईशापुर में आक्सीजन प्लांट, मोदीनगर में नमो भारत के दो स्टेशन आदि कार्य उन्हीं के कार्यकाल में हुए हैं। साथ ही गंगनहर पर पुल के निर्माण कराये गए। निवाड़ी में चुकाया वाली माता मंदिर का 75 लाख से सुदंरीकरण का कार्य किया गया। सीकरी माता मंदिर का भी सुंदरीकरण कराया गया। कलछीना-सीकरी मार्ग का फिलहाल चौड़ीकरण होना है, इसलिए वहां पर सड़क निर्माण का कार्य रूका है। भोजपुर में जलभराव की समस्या को लेकर प्रयास चल रहे हैं, कुछ ही समय में समस्या दूर होगी।
डॉ. मंजू शिवाच, विधायक
शहर की जनता मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। प्रत्येक गांव में सड़के जर्जर हालत में हैं। राजचौपले पर आरओबी कार्य भी उनके कार्यकाल में पास हुआ था। जिस तरह भाजपा सबका साथ सबका विकास की नीति पर काम कर रही है, उस हिसाब में क्षेत्र का विकास पिछले सालों में नहीं हुआ है। सीट के अभाव में आज भी स्नातक व परास्नातक में एडमिशन के लिए छात्रों को मोदीनगर के बाहर डिग्री कालेज में जाना पड़ता है। मोदीनगर में युवाओं के रोजगार के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। ऐसे में युवाओं के रोजगार के लिए मोदीनगर से बाहर जाना पड़ता है। धरातल पर एक भी कार्य नहीं दिखता है।
