गाजियाबाद के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा, खतरे के निशान से ऊपर बह रही यमुना
यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण लोनी, गाजियाबाद के डूब क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड
HighLights
यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर।
लोनी के डूब क्षेत्र में बाढ़ का गंभीर खतरा।
अलीपुर पुश्ते की निगरानी बढ़ाने के निर्देश जारी।
जागरण संवाददाता, लोनी। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से डूब क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। लोनी उपजिलाधिकारी दीपक सिंघन वाल ने तहसीलदार जय प्रकाश सिंह लोनी को अलीपुर पुस्ते की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि 2023 में आई बाढ़ के कारण पानी से सुभानपुर के पास अलीपुर पुश्ता टूट गया था। इस कारण लोनी के बदरपुर,अलीपुर, डूंगरपुर, पचायरा, मीरपुर हिंदू, नवादा, सुभानपुर, नौरसपुर, इलाइचीपुर, खानपुर जप्ति, राम पार्क एक्सटेंशन, ट्रोनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र आदि स्थानों पर बाढ़ आई थी।
खतरे के निशान के पार बह रही यमुना
लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा था। इससे ट्रोनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री में करोड़ों रुपए की मशीन और माल खराब हो गया था। गांव में हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई थी। सौ से ज्यादा मकान गिर गए थे। मवेशियों को चारा नहीं मिला था।
मानसून से पूर्व जिलाधिकारी के निर्देश पर लोनी क्षेत्र में यमुना के किनारे बाढ़ चौकी बनाई गई है। जानकारी के अनुसार हथिनी कुंड से 51177 क्यूसेक पानी छोड़ने पर बृहस्पतिवार को यमुना नदी का जलस्तर 209.25 मीटर देखा गया। जबकि खतरे का निशान 209 मीटर है।
