जासं, गाजियाबाद : निठारी कांड के दसवें केस में शुक्रवार को सीबीआई कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अमित वीर सिंह ने सुरेंद्र कोली को दोषी करार दिया है। इस मामले में सजा पर बहस लिए अदालत ने दो मार्च की तारीख दी है। नाबालिग का अपहरण कर, बलात्कार और नृशंस तरीके से उसकी छाती का मांस खाने के मामले में कोली को दोषी पाया गया है।

सीबीआइ के विशेष लोक अभियोजन अधिकारी जेपी शर्मा ने बताया कि मूल रूप से पश्चिमी बंगाल की रहने वाली नाबालिग परिवार के साथ नोएडा के निठारी गांव में रहती थी। उसकी मां घरेलू सहायिका का कार्य करती थी, जबकि पिता चाय की दुकान चलाता था। 15 मार्च 2005 को नाबालिग घर से नोएडा के सेक्टर-31 गई थी। वापस नहीं लौटने पर उसकी तलाश की गई। इसके बाद 16 मार्च 2005 को पिता ने नोएडा के सेक्टर-20 थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने 29 सितंबर 2006 को निठारी कांड के अभियुक्त सुरेंद्र कोली और मोनिदर सिंह पंधेर को पकड़ कर केस का पर्दाफाश किया था। कोली ने पूछताछ के दौरान महिला और बच्चों की हत्या किए जाने का जुर्म कबूल किया था। पुलिस ने कोली की निशानदेही पर कोठी संख्या डी-5 के पीछे नाले से बच्चों की हड्डी, कंकाल और जूते चप्पल व कपड़े बरामद किए थे। बाद में यह केस सीबीआइ को दिया गया था। उन्होंने बताया कि सजा पर अदालत में शनिवार को सजा पर बहस होगी।

Posted By: Jagran

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