साहिबाबाद: नंबर तो लगा, पर स्टिकर फट गया... खोड़ा में फिर गायब हो रहे घर के नंबर
खोड़ा में घरों पर नंबर तो लग रहे हैं, पर लोग स्टिकर से खुश नहीं हैं। वे चाहते हैं कि नगरपालिका लोहे की नंबर प्लेट लगाए, जिससे आने-जाने वालों को आसानी हो। स्टिकर हटने के बाद पहचान खोने का डर है। निवासियों ने नंबर प्लेट लगवाने के लिए कई बार निवेदन किया है। समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों और पार्षदों के साथ बैठक का सुझाव दिया गया है।

खोड़ा में मकान पर लगी नंबर की फटी हुई पर्ची। जागरण
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। खोड़ा में घरों पर नंबर तो लग रहे हैं, लेकिन लोग स्टिकर से खुश नहीं हैं। स्टिकर जैसे पक्के काम के बजाय लोग चाहते हैं कि नगर पालिका उनके घरों के दरवाजों पर लोहे की नंबर प्लेट लगाए। इससे आने-जाने वालों को आसानी होगी। स्टिकर लगने के बाद भी कई लोगों को दिक्कतें आ रही हैं।
खोड़ा में नगर पालिका 2016 में बनी थी, हालांकि बसावट 1983 के आसपास शुरू हुई थी। यहां की ज्यादातर आबादी उत्तर प्रदेश, बिहार और दूसरे राज्यों के दूसरे जिलों से है। लोगों ने अपने सपनों का घर तो बना लिया, लेकिन नगर पालिका ने उनकी पहचान कराने में काफी मेहनत की।
घरों पर नंबर न होने की वजह से बाहर से आने वाले लोग सही पते पर नहीं पहुंच पाते थे। अब नगर पालिका ने इलाके को 10 सेक्टरों में बांटकर घरों पर नंबर लगा दिए हैं और उन पर स्टिकर लगाए जा रहे हैं। स्टिकर लगाए जाने पर लोगों को सख्त एतराज है और उनके हटने के बाद उनकी पहचान जाने का खतरा है। नगर पालिका के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अभिषेक कुमार ने बताया कि अभी मौजूदा बजट से मकान नंबर के स्टिकर लगाए जा रहे हैं।
मकानों के नंबर भी बार-बार बदले जा रहे हैं, जिससे लोगों को लगातार परेशानी हो रही है। घरों पर नंबर प्लेट लगनी चाहिए।
- मनोज, लोकल निवासी
मेरे घर पर अभी भी नंबर प्लेट नहीं है। इसलिए, आने-जाने वालों को बार-बार पता बताने के लिए फोन करना पड़ता है।
- विपिन गुप्ता, लोकल निवासीघरों पर लगे स्टिकर जल्दी फट जाते हैं, और बच्चे अक्सर उन्हें छील देते हैं। नतीजतन, घरों से नंबर फिर से गायब हो जाते हैं।
- विशाल यादव, लोकल निवासीहमने नगर निगम से घरों पर नंबर प्लेट लगाने के लिए कई बार रिक्वेस्ट की है, लेकिन उसे नज़रअंदाज़ किया गया है। बहुत से लोग इसका विरोध कर रहे हैं।
- अनिरुद्ध, लोकल निवासीखोड़ा में घरों की सबसे बड़ी प्रॉब्लम घरों के नंबर न होना थी। नगर निगम ने यह पहल की है, लेकिन इसे पूरी तरह से सॉल्व नहीं किया गया है।
- अजय, लोकल निवासीलोगों की प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए खोड़ा नगर निगम के अधिकारियों और सभी पार्षदों के साथ एक मीटिंग होनी चाहिए।
- विकास शर्मा, लोकल निवासी

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