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4 किमी बचाने को जिंदगी से खिलवाड़, कौशांबी डिपो पर उल्टी दिशा में दौड़ रहीं रोडवेज बसें, हो सकता है बड़ा हादसा

Published: Fri, 18 Sep 2026 08:30 PM (IST)

कौशांबी डिपो पर रोडवेज बसें 4 किलोमीटर की दूरी बचाने के लिए विपरीत दिशा में दौड़ रही हैं, जिससे यात्रियों की जान को खतरा है।

गलत दिशा में दौड़ती बसें।

गलत दिशा में दौड़ती बसें।

HighLights

  1. रोडवेज बसें 4 किमी बचाने को विपरीत दिशा में चल रहीं।

  2. यात्रियों की जान को खतरा, अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान।

  3. 2017 में लगा हाइट बैरियर भी अब हटा दिया गया।

राहुल कुमार, साहिबाबाद। परिवहन निगम के चालक चार किलोमीटर की दूरी से बचने के लिए रोडवेज बसों को विपरीत दिशा में दौड़ा रहे हैं। इससे यात्रियों की जान पर भारी बनी हुई है, लेकिन इस पर अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

इस पर यात्री सवाल उठा रहे हैं कि अगर हादसा हुआ तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। वहीं, वर्ष 2017 में लगाया हाइट बैरियर भी टूटा हुई सड़क पर पड़ा है।

कौशांबी डिपो पर बसों के पहुंचने के लिए तीन रूट निर्धारित किए गए हैं। पहला रोडवेज बसें लिंक रोड से महाराजपुर होते हुए बस अड्डे में पहुंचेंगी।

इसके अलावा सौर ऊर्जा मार्ग से होते हुए कौशांबी डिपो पर पहुंचना होगा, लेकिन चालक डाबर तिराहे से कौशांबी अड्डे में प्रवेश करते हैं।

50 मीटर विपरीत दिशा में चलाते हैं बसें

कौशांबी मेट्रो स्टेशन के सामने यू-टर्न लेते हुए करीब 50 मीटर विपरीत दिशा में चलाते हैं। यहां से होती हुई बस कौशांबी डिपो में प्रवेश करती है। इस दौरान यहां से तेज गति से सैकड़ों वाहन गुजर रहे होते हैं, लेकिन चालक बसों को विपरीत दिशा में ही दौड़ाते रहते हैं।

इससे यात्रियों की जान को खतरा बना रहता है। दैनिक जागरण की टीम ने शुक्रवार को पड़ताल की तो रोडवेज बसें विपरीत दिशा में अंदर वाली लाइनों में दौड़ रही हैं।

सामने से दूसरे वाहन भी आ रहे थे। इस दौरान एक के बाद एक कई बसें गुजरीं। इसको लेकर यात्रियों ने परिवहन निगम में कई बार शिकायतें भी की हैं, लेकिन इस पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

मार्च 2017 में हाइट बैरियर लगाकर लगाई गई थी प्रवेश पर रोक

कौशांबी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर करीब पांच वर्ष पहले लोग एनजीटी चले गए थे। इस पर एनजीटी ने कौशांबी के आबादी वाले क्षेत्र में रोडवेज बसों और बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इसके लिए मार्च 2017 में हाइट बैरियर भी लगवाए गए थे।

इन पर जीडीए ने करीब 26 लाख का बजट खर्च किया था, लेकिन मुख्य मार्ग पर विकास कार्यों के चलते कुछ माह पहले ही बैरियर को हटा दिया गया है। इससे बसें कौशांबी में प्रवेश कर पा रही हैं।

एनएच-नौ पर सेक्टर-62 और यूपी गेट पर खड़ी हो रहीं बसें

एनएच-नौ पर भी जगह-जगह रोडवेज बस चालकों की लापरवाही देखने को मिल रही है। वह यात्रियों की जान को जोखिम में डालकर नोएडा सेक्टर-62 और यूपी गेट के पास बसों को खड़ी कर रहे हैं। कई बार बसों को इस तरह से तिरछी करके खड़ी करते हैं कि हादसा होने का डर बना रहता है। जबकि पुलिस द्वारा बसों को खड़ी करने के लिए बैरिकेडिंग कराए गए हैं।

चालकों को निर्धारित रूटों से ही बसों को संचालित करने के आदेश हैं। विपरीत दिशा में बस चलाने वाले चालकों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
-केसरी नंदन चौधरी, क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपीएसआरटीसी।