जागरण संवाददाता, साहिबाबाद : कौशांबी में वायु प्रदूषण की सही स्थिति के मापने के लिए बृहस्पतिवार सुबह उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने तीन स्थानों पर यंत्र लगाए, लेकिन प्रदूषण नहीं मापा जा सका। बारिश से प्रदूषण धुल गया। इसके बाद कौशांबी अपार्टमेंट्स रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (कारवा) अध्यक्ष की अपील पर अब यूपीपीसीबी बारिश बंद होने के बाद प्रदूषण का स्तर मापेगा, ताकि सही स्थिति का पता चल सके।

कारवा की ओर से कौशांबी में वायु, ध्वनि व जल प्रदूषण के मुद्दे पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में याचिका दायर की गई थी। बीते माह एनजीटी ने सुनवाई के दौरान कौशांबी में प्रदूषण की रोकथाम के लिए कार्रवाई न करने पर विभागों के खिलाफ नाराजगी जताई थी। इसके बाद से कौशांबी में प्रदूषण रोकने के साथ यातायात प्रबंधन की दिशा में भी विभाग काम कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को यूपीपीसीबी की ओर से कौशांबी में वायु प्रदूषण की सही स्थिति मापने के लिए तीन स्थानों पर यंत्र लगाए गए। यह यंत्र हवा को सोखता है। यंत्र के अंदर लगा फिल्टर प्रदूषण को रोकता है। इसके बाद फिल्टर से प्रदूषण की सही स्थिति का आंकलन होता है। चार दिन तक कौशांबी में प्रदूषण का स्तर मापना था। बारिश से गिर गया प्रदूषण : जिले में बृहस्पतिवार सुबह से ही बारिश शुरू हो गई। बारिश से प्रदूषण का स्तर संतोषजनक स्थिति में पहुंच गया। बृहस्पतिवार को जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 91 दर्ज हुआ। कारवा अध्यक्ष वीके मित्तल का कहना है कि बारिश से प्रदूषण की सही स्थिति का पता नहीं लग पाता। ऐसे में अधिकारियों से बारिश के बाद प्रदूषण मापने की अपील की गई है। अब बारिश बंद होने के बाद प्रदूषण की स्थिति मापी जाएगी।

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