जागरण संवाददाता,मोदीनगर :

कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच सब्जियों के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में कई सब्जियों के भाव में दोगुना तक का इजाफा हो गया है। इससे रसोई का बजट बिगड़ता दिख रहा है। बढ़ते भाव के पीछे थोक आढ़ती मंडियों में सब्जी की आवक कम होने को मान रहे हैं। वहीं, किसानों का कहना है कि गांवों में कामगारों की उपलब्धता नहीं होने से सब्जियों का निर्यात प्रभावित हुआ है। प्रगतिशील किसान सुखबीर त्यागी बताते हैं कि सर्दी के मौसम में आने वाली सब्जी की फसल अप्रैल के मध्य में पूरी तरह उजड़ जाती है। इसके बाद घीया(लौकी), तोरई, भिडी, टमाटर, कद्दू, खीरा आदि की सब्जियां शुरू हो जाती हैं। कोरोना बढ़ने पर सब्जियों का आयात निर्यात प्रभावित हो गया है। इस कारण मंडी में सब्जियों के दाम बढ़ना लाजिमी है। गृहणी कविता जांगिड़ बताती हैं कि कोरोना काल में रोजगार पहले ही प्रभावित हैं। पिछले एक सप्ताह में सब्जियों के दाम आसमान छू गए हैं। बढ़ती महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। मंडी एसोसिएशन मोदीनगर के अध्यक्ष जोगेश नेहरा का कहना है कि सब्जियों की आवक कोरोना के बढ़ने के बाद प्रभावित हो रही है। इसी कारण सब्जियों के दाम में तेजी से उठापटक हो रही है।

सब्जियों के दाम

सब्जी पहले अब

गोभी 30 40

बैंगन 10 20

लौकी 10 20

शिमला 30 40

भिडी 40 60

तोरई 40 50

टमाटर 20 30

प्याज 20 30

-सभी के भाव प्रति किलो के हिसाब से हैं।

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मंडी में हो रहा नियमों का उल्लंघन

हापुड़ रोड स्थित फल एवं सब्जी मंडी में रोजाना भारी भीड़ जुट रही है। खरीदारों में अधिकांश के चेहरे पर मास्क नहीं होता। इतना ही नहीं, एक दूसरे के सटे लोगों को सब्जी और फल खरीदने की जल्दबाजी रहती है। इससे कोरोना का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है। लगातार जुट रही इस भीड़ को कम करने के लिए किसी भी स्तर से कोई प्रयास नहीं हो रहा है। उधर, मुरादनगर में देहधा फाटक के निकट लगने वाले अस्थाई मंडी में भी भारी भीड़ जुटती है। वहां भी नियम कानून पूरी तरह ताक पर रखे हुए हैं। इस बारे में एसडीएम मोदीनगर आदित्य प्रजापति का कहना है कि इसकी निगरानी के लिए पुलिस अधिकारियों से बात की गई है। यदि मंडी में नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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