जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : एमएमजी अस्पताल अस्पताल इस समय मरीजों के इलाज से अधिक डॉक्टरों व अधिकारियों के बीच विवाद को लेकर चर्चा में है। सीएमएस और ऑर्थोपेडिक सर्जन के बीच विवाद का मामला डीएम के पास पहुंचने के बाद से अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मचा है। इस मामले में डीएम ने सीएमओ को एक हफ्ते में जांच करके रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ ने एमएमजी अस्पताल के पूरे स्टाफ की ब्लड जांच करवाने के निर्देश दिए हैं। ब्लड सैंपल लिए जाने के दौरान सीनियर अधिकारी और सीनियर पैथोलॉजिस्ट मौजूद रहेंगे।

जिला एमएमजी अस्पताल में तैनात ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. एके सिंह ने डीएम को पत्र लिखकर सीएमएस डॉ. रविद्र राणा के खिलाफ शिकायत की थी। इसमें कहा था कि सीएमएस ऑर्थोपेडिक सर्जन हैं और वह हेपेटाइटिस-बी से पीड़ित हैं। गंभीर और संक्रामक रोग से पीड़ित होने के बावजूद वह मरीजों के ऑपरेशन करते हैं, जिससे मरीजों के भी संक्रमित होने की आशंका रहती है। शिकायत में यह भी कहा गया कि अस्पताल में तीन ऑर्थोपेडिक सर्जन हैं, इसके बावजूद सीएमएस किसी और सर्जन को ऑपरेशन नहीं करने देते। वहीं, सीएमएस ने डॉ. रविद्र राणा पर अस्पताल के कामकाज में बाधा डालने और दिए गए काम से इंकार करने की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले में सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता ने डीएम के आदेशानुसार जिला एमएमजी अस्पताल में ब्लड जांच के लिए सैंपल कलेक्ट करने का लिखित आदेश सीएमएस डॉ. रविद्र राणा को भेजा है। ब्लड का सैंपल जिस समय लिया जाएगा उस समय सीनियर अधिकारी और सीनियर पैथोलॉजिस्ट की निगरानी में सभी डॉक्टर और स्टाफ का खून जांच को भेजा जाएगा। किसी भी तरह की लापरवाही इस दौरान नहीं बरती जाएगी। मंगलवार को रक्त की जांच शुरु होगी। सीएमएस मेरे समकक्ष अधिकारी हैं, इसलिए उनके खिलाफ जांच नहीं कर सकता हूं। ब्लड सैंपल की जांच करवाकर रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। इसके साथ ही विवाद की जांच उच्चाधिकारियों या प्रशासनिक अधिकारियों से करवाए जाने की मांग की जाएगी।

डॉ. एनके गुप्ता,सीएमओ

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Posted By: Jagran

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