हार्ट अटैक के मरीजों को तुरंत मिलेगा इलाज, गाजियाबाद के MMG अस्पताल में स्टाफ को मिली स्पेशल ट्रेनिंग
गाजियाबाद के जिला अस्पताल में दिल के दौरे के मरीजों को शुरुआती उपचार देने के लिए चिकित्सा और पैरामेडिकल स्टाफ को स्टेमी कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित किया गया।

गाजियाबाद का एमएमजी जिला अस्पताल
HighLights
एमएमजी अस्पताल में स्टेमी कार्यक्रम के तहत स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण मिला
दिल के दौरे के मरीजों को शुरुआती उपचार देने पर विशेष ध्यान
टेनेक्टेप्लेस, स्ट्रेप्टोकाइनेज इंजेक्शन और ईसीजी मशीनों की उपलब्धता जांची गई
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। दिल का दौरा पड़ने पर मरीज को शुरुआती समय में ही उपचार मिलने से उसकी जान बचाने की संभावना बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए एमएमजी जिला अस्पताल में स्टेमी कार्यक्रम को लेकर चिकित्सकीय और पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा विशेषज्ञ, नर्सिंग स्टाफ और अन्य पैरामेडिकल कर्मचारी शामिल रहे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रशिक्षण दिशा-निर्देशों में भी संदिग्ध स्टेमी मरीज में जल्द ईसीजी जांच और आवश्यकता पड़ने पर थ्रोम्बोलाइसिस और उच्च केंद्र पर रेफर करने पर जोर दिया गया है।
स्टेमी वॉर्ड का निरीक्षण और दवाओं का स्टॉक वैरीफाई
प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को स्टेमी मरीज की पहचान, तत्काल उपचार और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की जानकारी दी गई। नोडल अधिकारी डा. अनुराग संजोग ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य आपात स्थिति में मरीज को समय पर उपचार उपलब्ध कराना और व्यवस्था को तैयार रखना है।
इसके साथ ही, अस्पताल में स्टेमी उपचार के लिए जरूरी दवाओं और उपकरणों की वास्तविक उपलब्धता की जांच भी की गई। अधिकारियों ने टेनेक्टेप्लेस और स्ट्रेप्टोकाइनेज इंजेक्शन की उपलब्धता देखी। स्टेमी रजिस्टर की जांच के साथ ही स्टेमी वार्ड का निरीक्षण किया गया और ईसीजी मशीनों की उपलब्धता तथा स्थिति भी देखी गई।
समय पर पहचान ही स्टेमी मरीजों का बचाव
स्टेमी यानी एसटी-एलिवेशन मायोकार्डियल इंफार्क्शन हृदयाघात का गंभीर प्रकार है, जिसमें समय पर पहचान और उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अनुसार ऐसे मरीजों में स्वास्थ्य केंद्र पर ईसीजी से पहचान कर आवश्यकता के अनुसार थ्रोम्बोलाइसिस और आगे उच्च केंद्र पर उपचार के लिए भेजने की व्यवस्था जरूरी है।
डॉ. अनुराग संजोग ने कहा कि आपातकालीन स्थिति में कुछ मिनट भी महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए स्टाफ को उपचार की प्रक्रिया के साथ दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित रखने के लिए भी प्रशिक्षित किया गया है।
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