गाजियाबाद के 625 होटल, मॉल और बैंक्वेट हॉलों पर गिरी गाज; UPPCB ने NGT को सौंपी अवैध प्रतिष्ठानों की पूरी लिस्ट
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गाजियाबाद के 625 प्रतिष्ठानों (होटल, मॉल, बैंक्वेट हॉल) की सूची एनजीटी को सौंपी है। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड
HighLights
यूपीपीसीबी ने एनजीटी को 625 प्रतिष्ठानों की सूची सौंपी।
58 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस, 15 के कनेक्शन कटे।
गाजियाबाद में पर्यावरण नियमों के पालन पर सख्ती जारी।
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फिर से सर्वे कर एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) को जिले के 625 प्रतिष्ठानों होटल, माल, बैंक्वेट हाल और रेस्तरां की सूची सौंपी है।
साथ ही एनजीटी को यह भी बताया कि इनमें से मानकों का पालन नहीं करने पर 58 को कारण बताओ नोटिस और 15 प्रतिष्ठानों को बिजली कनेक्शन काटते हुए बंद करने के आदेश दिए गए हैं। बाकी का निरीक्षण कर कर कार्रवाई की जाएगी। एनजीटी में मामले की अंतिम सुनवाई 13 अक्टूबर को की जाएगी।
दरअसल, पर्यावरणविद प्रसून पंत और प्रदीप कुमार ने एनजीटी में 2023 में सबसे पहले याचिका दायर कर रिपोर्ट मांगी थी कि जिले में कितने प्रतिष्ठान हैं और उनमें से कितने मानकों का पालन कर रहे हैं। साथ ही जो पालन नहीं कर रहे हैं प्रदूषण बोर्ड उन पर क्या कार्रवाई कर रहा है।
2025 में फिर खुला मामला
इस पर वर्ष 2024 में प्रदूषण बोर्ड ने करीब 42 प्रतिष्ठानों की सूची उपलब्ध कराते हुए मामले का निपटारा कर दिया था। लेकिन याचिकाकर्ता इससे संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद कुल 183 की सूची दी।
इसके बाद फिर से याचिकाकर्ताओं ने कहा कि यह आंकड़ा बहुत कम है। वर्ष 2025 में फिर से मामले को खोला गया। सात जुलाई 2026 को एनजीटी में सुनवाई हुई। इस दौरान यूपीपीसीबी ने फिर से सर्वे कर सूची देने के लिए समय मांगा था।
अब बोर्ड ने कुल 625 होटल, माल, बैंक्वेट हाल और रेस्तरां की सूची एनजीटी को सौंपी है। आठ सितंबर को एनजीटी के जूडिशियल मेंबर जस्टिस अरुण कुमार त्यागी व एक्सपर्ट मेंबर डा. ए. सेंथिल की प्रधान बेंच के सामने हुई।
इनमें 484 नई इकाइयों की सूची शामिल की गई है। पर्यावरणविद प्रसून पंत का कहना है कि हम एनजीटी में लगातार यह कहते रहे हैं कि गाजियाबाद में कहीं अधिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं और अब यह संख्या बढ़कर 625 तक पहुंच गई है।
348 का निरीक्षण नहीं कर सका बोर्ड
यूपीपीसीबी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 625 इकाइयों में से 384 का सर्वेक्षण किया जाना बाकी है। 109 इकाइयों के पास संचालन की वैध सहमति है। जल एवं वायु अधिनियमों के तहत 58 इकाइयों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस की सिफारिश की गई है।
15 इकाइयों के खिलाफ बिजली कनेक्शन काटने के आदेश दिए हैं। छह ने अपना संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक 283 इकाइयों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। इनमें से 183 पहले वाली और 58 नई हैं, जिनका सर्वेक्षण किया गया है।
हेल्पलाइन नंबर जारी करने की मांग
प्रसून पंत का कहना है कि यूपीपीसीबी को भविष्य में होटल, माल, बैंक्वेट आदि द्वारा अनुपालन न किए जाने की रिपोर्ट करने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी करना चाहिए। क्योंकि इन प्रतिष्ठानों में उल्लंघन की संभावना रहती है और नगर निगम, यूपीपीसीबी, योजना प्राधिकरण आदि विभिन्न एजेंसियों द्वारा निगरानी की कमी है।
एनजीटी को प्रतिष्ठानों की सूची उपलब्ध कराई गई है। साथ ही प्रतिष्ठानों का निरीक्षण भी किया जा रहा है। जो पालन नहीं कर रहे हैं उन्हें नोटिस जारी करने और बंद करने की कार्रवाई की जा रही है।
-अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी।
