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टंकी की उम्र पूरी होने के नाम पर छिपाते रहे भ्रष्टाचार, अब गाजियाबाद में ढहाई जाएंगी तीन जर्जर टंकियां

Published: Tue, 25 Aug 2026 12:57 PM (IST)

गाजियाबाद के पटेल नगर और नंदग्राम में 30-37 साल पहले बनी तीन पानी की टंकियां, जो कभी इस्तेमाल नहीं हुईं, अब जर्जर होने के कारण ध्वस्त की जाएंगी।

HighLights

  1. गाजियाबाद की तीन पानी की टंकियां ध्वस्त होंगी।

  2. 30-37 साल पहले बनीं, कभी इस्तेमाल नहीं हुईं।

  3. भ्रष्टाचार के आरोप, अब जर्जर होने से गिराई जाएंगी।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। गाजियाबाद के पटेल नगर में करीब 30 वर्ष पहले बनाई गई पानी की टंकी अब नगर निगम के लिए बेकार ढांचा बनकर रह गई है। निर्माण के बाद से आज तक इस टंकी से कभी पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी।

निगम ने इसकी तकनीकी स्थिति की जांच कराकर असुरक्षित पाए जाने पर इसे ध्वस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। टंकी के निर्माण के दौरान ही इसमें लीकेज की समस्या सामने आ गई थी। इसके बाद इसे पानी की सप्लाई के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया।

ढांचा भी पुराना और जर्जर हो चुका

वर्षों से टंकी केवल इलाके में पहचान और लैंडमार्क के तौर पर इस्तेमाल हो रही है। यह टंकी कभी काम नहीं आई। लंबे समय से उपयोग में नहीं आने के कारण अब इसका ढांचा भी पुराना और जर्जर हो चुका है। तकनीकी स्थिति का आकलन कराने के लिए इसकी जांच का काम अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) को सौंपा गया है।

जांच रिपोर्ट में टंकी को असुरक्षित बताया

वहीं, जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। जांच रिपोर्ट में टंकी को असुरक्षित बताया जाता है तो इसे गिराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसी नंदग्राम की दो टंकियों की भी यही कहानी है।

वर्ष 1989 बनी दोनों टंकियों का कभी इस्तेामल नहीं किया गया। बिना इस्तेमाल के ही ये जर्जर हो चुकी है। 37 वर्ष पुरानी ये टंकियां अपनी आयु पूरी हो चुकी हैं। इनको भी ध्वस्त कराने की तैयारी है।

यह भी पढ़ें- गाजियाबाद: ठीक नहीं हो सका पानी की टंकी का लीकेज, भ्रष्टाचार छिपाने को करते रहे तीन दशक बीतने का इंतजार

जरूरी बातें

  • निगम का दावा है कि पटेल नगर की टंकी में लीकेज के कारण उसका इस्तेमाल नहीं हुआ
  • नंदग्राम की टंकियां झुकी हुई बन गई जिस वजह से उनका इस्तेमाल नहीं हुआ
  • 37 वर्ष पहले बनी टंकियां कितनी लागत से बनी किसी अधिकारी को नहीं पता
  • दोनों स्थानों पर तीनों टंकियों का निर्माण जीडीए ने कराया था
  • वर्तमान में 2000 केएल की टंकी लगभग तीन करोड़ रुपये से बनती है
  • नंदग्राम की दोनों टंकियां 1800-1800 केएल की की हैं, पटेल नगर की टंकी 1500 केएल की है
  • अब इन टंकियों के ध्वस्त करने पर भी निगम पैसा खर्च करेगा
  • वर्तमान में नंदग्राम की तीन लाख की आबादी पानी की किल्लत से जूझ रही है
  • इन टंकियों को 37 वर्ष तक ऐसे ही खड़ा रहने दिया और अब आयु पूरी होने पर उन्हें ध्वस्त किया जा रहा। इसके पीछे की वजह उस वक्त हुए भ्रष्टाचार को छिपाना है।
  • नगर निगम ने भी कभी इन टंकियों को चालू कराने के लिए कोई प्रयासा या कभी इंजीनियरों से सर्वे नहीं कराया