मोबाइल, सोशल अकाउंट और... कैसे मौत के नजदीक पहुंचीं तीन बहनें? गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस का पूरा सच
गाजियाबाद के साहिबाबाद में तीन बहनों की सामूहिक आत्महत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस जांच में ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। Ghaziabad Triple Suicide गाजियाबाद में साहिबाबाद की भारत सिटी सोसायटी में हुए सामूहिक आत्महत्या मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि पिता चेतन ने 15 दिन पहले तीनों बहनों से मोबाइल छीनकर बेच दिया था। इसके अलावा पिता ने उनका सोशल अकाउंट भी डिलीट कर दिया था। क्योंकि तीनों बहनें कोरियन कल्चर से काफी प्रभावित थीं। इसी वजह से पिता उनकी शादी भी जल्दी कराने की बात करता था।
जांच से पता चला है कि इन सभी वजहों से तीनों बहनें मानसिक तनाव में थीं। पिता के मोबाइल छीनने व सोशल अकाउंट डिलीट करने से इतना नाराज हुईं कि तीनों ने एक साथ आत्महत्या करने का प्लान बना लिया। इसके बाद मंगलवार की देर रात तीनों ने मकान के अंदर पूजा वाले कमरे की खिड़की से कूदकर जान दे दी। तीनों बहनें बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से कूदीं हैं।
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तीनों बहनों ने इसी खिड़की से कूदकर आत्महत्या की थी। जागरण
चेतन नाम के व्यक्ति ने करीब 18 साल पहले सुजाता नाम की लड़की से शादी की थी। पत्नी को बच्चा नहीं हुआ तो चेतन ने अपनी पत्नी की सहमति से अपनी सगी साली (पत्नी की छोटी बहन) से भी शादी कर ली। दूसरी शादी के बाद दूसरी पत्नी ने लड़की को जन्म दिया। इसी दौरान पहली पत्नी को भी बच्चा हो गया। चेतन की पहली पत्नी ने भी लड़की को जन्म दिया।

इस दौरान दोनों पत्नियों के बच्चे होते रहे। पहली ने कुल दो एक लड़की और एक लड़के को जन्म दिया, जबकि दूसरी पत्नी ने तीन लड़कियों को जन्म दिया। इसके बाद चेतन ने अपनी दूसरी साली (पत्नी की सबसे छोटी बहन) से भी शादी कर ली। अब परिवार में पांच बच्चे थे, तीन पत्नियां और चेतन हैं, जिनमें से तीन लड़कियों ने सामूहिक सुसाइड कर लिया।
पांच बच्चे होने से सही तरीके से नहीं कर पाए देखभाल
पांच बच्चे होने से अभिभावक मिलकर बच्चों की सही तरीके से देखभाल नहीं कर पाए। न तो उनकी शिक्षा पूरी हो पाई और न ही उन्हें जो प्यार परिवार से मिलना था, वह मिल पाया। वह सामाजिक रूप से बिल्कुल कट गईं।
मई 2025 में लापता हो गईं थीं पत्नियां
इस मामले में पुलिस का कहना है कि चेतन की दोनों पत्नियां सुजाता और हिना मई 2025 में बिना बताए घर छोड़कर चली गईं थीं। इस संबंध में चेतन ने टीला मोड़ थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। कुछ दिन बीतने के बाद दोनों पत्नियां वापस घर आ गईं थीं। इसके बाद पुलिस ने मामले में गुमशुदगी समाप्त की थी।
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तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। सुसाइड नोट, मां सुजाता का मोबाइल फोन व अन्य साक्ष्य जांच के लिए भेजे गए हैं। मोबाइल फोन खुलने के बाद ही गेमिंग एप की पुष्टि हो सकेगी। - निमिष पाटील, डीसीपी ट्रांस हिंडन
