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15 अक्टूबर से 'NO UPI'!, साथ में कैश न होना पड़ सकता है भारी; दुकानों पर लगने लगे चेतावनी पोस्टर

Published: Fri, 18 Sep 2026 07:14 PM (IST)

केंद्र सरकार द्वारा 15 अक्टूबर से 2000 से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू करने के निर्णय से गाजियाबाद के व्यापारी चिंतित हैं।

दुकानों पर लगने लगे पोस्टर।

दुकानों पर लगने लगे पोस्टर।

HighLights

  1. 15 अक्टूबर से ₹2000+ यूपीआई लेनदेन पर 0.4% एमडीआर।

  2. गाजियाबाद के व्यापारी ग्राहकों को नकद भुगतान की सलाह दे रहे।

  3. कुछ दुकानों पर 'नो यूपीआई' के चेतावनी पोस्टर लगे।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। केंद्र सरकार ने दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 15 अक्टूबर से 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू करने का निर्णय लिया है। इसकी वजह से व्यापारी चिंतित हैं।

अब वह ग्राहकों को सलाह दे रहे हैं कि 15 अक्टूबर से सामान की खरीदारी के लिए जेब में कैश रखें। यदि ऐसा नहीं किया तो उनको महंगे दाम पर सामान खरीदना पड़ सकता है।

एमडीआर लागू होने से पहले बाजार में चर्चाओं का बाजार गर्म है। अधिकतर व्यापारी और दुकानदार सरकार के इस फैसले के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि सरकार कह रही है कि ग्राहक की जेब पर भार नहीं पड़ेगा।

एमडीआर शुल्क व्यापारी से लिया जाएगा लेकिन व्यापारी यह घाटा क्यों सहेगा। वह तो ग्राहक से स्पष्ट कहेगा कि आप दो हजार रुपये से अधिक के सामान की खरीदारी करनी है तो आनलाइन के बजाय नकद देकर खरीदें।

नकद में व्यापार से नहीं पड़ेगा किसी पर भार

नकद में व्यापार होने से ग्राहक व दुकानदार दोनों में से किसी की जेब पर भार नहीं पड़ेगा। व्यापारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए आनलाइन ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दिया।

बाजारों में अब 90 प्रतिशत से अधिक सामान की खरीदारी आनलाइन ही की जा रही है। ग्राहक अब अपनी जेब में कैश नहीं रखते हैं।

स्थिति यह है कि यदि कोई व्यक्ति 500 को नोट थमा दे तो उसको उत्पाद की कीमत लेने के बाद बचे हुए पैसे वापस करने के लिए भी नकद नहीं होता है। लेकिन एमडीआर लागू होने के बाद बाजारों में कैश का चलन फिर से बढ़ेगा।

ग्राहकों को 15 अक्टूबर के बाद कैश में सामान की खरीदारी करने में परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए अभी से ही उनको जेब में नकदी रखने की सलाह दी जा रही है।

दुकानों पर पोस्टर लगने शुरू

शहर में कई दुकानदारों ने यूपीआई से लेनदेन पर एमडीआर लागू होने का विरोध जताने के लिए दुकानों पर यूपीआई से लेनदेन स्वीकार न करने का पोस्टर लगाना भी शुरू कर दिया है। शुक्रवार को क्रासिंग रिपब्लिक में दुकानदारों ने दुकानों के बाहर यूपीआई से पेमेंट न लेने का पोस्टर लगाया है।

हालांकि इस तरह के विरोध के पाेस्टर शहर में चुनिंदा दुकानों पर ही अभी लगे हैं। शहर के प्रमुख सीताराम बाजार, गांधी नगर बाजार, घंटाघर सहित अन्य बाजारों में अभी एमडीआर को लेकर किसी प्रकार को बदलाव नहीं दिख रहा है, सबको बदलाव के लिए 15 अक्टूबर का इंतजार है।

एमडीआर लागू होना गलत है, हम इसका विरोध करते हैं। व्यापारी अपनी जेब पर भार क्यों डालेगा वह तो एमडीआर लागू होने के बाद नकद में व्यापार करेगा।

- रजनीश बंसल, चेयरमैन, सीताराम बाजा

यह ग्राहक के ऊपर निर्भर करता है कि वह नकद, यूपीआई या फिर कार्ड के जरिए पेमेंट करता है। हम किसी को बाध्य नहीं कर सकते हैं लेकिन यह भी तय है कि यदि व्यापारियों को एमडीआर लागू होने पर शुल्क देना पड़ेगा तो वह उसकी भरपाई ग्राहक से ही करेगा। ऐसे में अप्रत्यक्ष रूप से ही सही लेकिन ग्राहक की जेब पर भार पड़ेगा।

- मयंक सिंघल, व्यापारी