जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : प्रदेश में कमर्शियल गाड़ियों को परमिट देने वाले जनपदों में गाजियाबाद पहले पायदान पर पहुंचा है। जनपद में एक लाख से अधिक व्यावसायिक वाहन परमिट अन्य जिलों में चल रहे हैं। वहीं पिछले दो माह में गाजियाबाद के साढ़े तीन हजार वाहनों ने परमिट के लिए आवेदन किया। सर्वाधिक वाहनों के परमिट देने के मामले में सूबे की राजधानी लखनऊ मुख्यालय दूसरे स्थान पर है।  

देश की राजधानी दिल्ली से सटे होने के चलते गाजियाबाद में व्यावसायिक वाहनों की संख्या अन्य जनपदों की अपेक्षा हमेशा से अधिक रही है। इसके अलावा यहां से अन्य जनपदों के लिए चलने वाले वाहनों की संख्या भी लगातार बढ़ी है। जनपद की सीमाएं गाजियाबाद से लगी होने के कारण व्यवसायिक वाहनों का आवागमन होता है। दिल्ली के लिए जाने वाले लोग व्यावसायिक वाहनों का उपयोग करते हैं। इनमें मालवाहक वाहनों से लेकर यात्री सेवा के रूप में इस्तेमाल होने वाले वाहन भी शामिल हैं, जिसके लिए परिवहन विभाग से परमिट लेना जरूरी होता है। जिला परिवहन विभाग से गाजियाबाद के अलावा गौतमबुद्ध नगर, हापुड़ और बुलंदशहर जनपद के लिए परमिट दिया जाता है। कार्यालय में सर्वाधिक गाजियाबाद गाड़ियों की परमिट के लिए आवेदन होता है। व्यवसायिक वाहनों को परमिट देने के मामले में प्रदेश में गाजियाबाद नंबर एक पर है। गाजियाबाद में एक लाख 24 हजार 470 व्यवसायिक वाहन ऑल इंडिया एवं एनसीआर परमिट पर चल रहे हैं। लखनऊ में इन वाहनों की संख्या 86 हजार 346 है, जोकि दूसरे नंबर पर है। कानपुर 83 हजार 300 वाहनों के साथ तीसरे स्थान पर व प्रयागराज में 56,206 वाहनों के साथ चौथे स्थान पर है। गाजियाबाद में पिछले दो माह में 3482 वाहनों ने व्यवसायिक पंजीकरण के बाद एनसीआर का परमिट लिया है। इसमें लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। -----------

कई सीमाएं दिल्ली की सीमा के पास होने के कारण गाजियाबाद के लिए व्यावसायिक वाहन परमिट के आवेदन अन्य के मुकाबले अधिक होते हैं। यहां दिल्ली एनसीआर और ऑल इंडिया परमिट पर चलने वाले सर्वाधिक वाहन पंजीकृत होते हैं। इसकी संख्या कम नहीं है।

-विश्वजीत प्रताप सिंह, एआरटीओ प्रशासन

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