छात्रों का कमाल: एंबुलेंस के लिए खुद बनेगा ग्रीन कॉरिडोर, बचेगा मरीजों का समय
मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के बीबीए विद्यार्थियों ने एंबुलेंस के लिए ऑटोमैटिक ग्रीन कॉरिडोर बनाने का विचार प्रस्तुत किया। इस ...और पढ़ें

HighLights
बीबीए छात्रों ने एंबुलेंस ग्रीन कॉरिडोर का आइडिया दिया।
जीपीएस डिवाइस से ट्रैफिक सिग्नल स्वतः हरे होंगे।
मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण समय बचेगा।
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। मंगलमय इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलाजी में आयोजित कार्यक्रम में मेवाड़ ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस के बीबीए विद्यार्थियों ने मेडिकल एंबुलेंस को ट्रैफिक से जल्दी निकालने का एक आइडिया प्रस्तुत किया। इस आइडिया को अति महत्वपूर्ण श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार मिला।
निदेशक डॉ. अलका अग्रवाल ने बताया कि बीबीए के विद्यार्थियों अरबाज अंसारी, अलीशा और प्रियांश आर्य ने एंबुलेंस के लिए आटोमैटिक ग्रीन कारिडोर बनाने की तकनीक प्रस्तुत की। इसके तहत एंबुलेंस में एक विशेष डिवाइस लगाई जाएगी, जो जीपीएस के माध्यम से उसकी लोकेशन का पता लगाएगी।
एंबुलेंस के चौराहे पर पहुंचने से पहले सिग्नल को मिल जाएगी सूचना
एंबुलेंस के किसी चौराहे के पास पहुंचने से पहले ही यह सिस्टम आगे के ट्रैफिक सिग्नलों को सूचना देगा। इसके बाद एंबुलेंस के रास्ते में आने वाले सिग्नल अपने आप ग्रीन होते जाएंगे और उसके लिए ग्रीन कारिडोर बनता जाएगा। इससे एंबुलेंस को ट्रैफिक सिग्नल पर रुकने की जरूरत कम होगी और मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने में समय बचाया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था में डेटा क्लाउड सर्वर पर सुरक्षित रखा जाएगा और सिस्टम केवल रजिस्टर्ड एंबुलेंस के लिए काम करेगा। विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
