20 मिनट में भरेगा सड़क का गड्ढा, गाजियाबाद PWD अपनाएगा ईकोफिक्स तकनीक; तारकाेल का झंझट खत्म
फ्लैट ओनर फेडरेशन ने पीडब्ल्यूडी को सड़कों के गड्ढे भरने के लिए ईकोफिक्स तकनीक अपनाने का सुझाव दिया है। इस ...और पढ़ें

ईकोफिक्स तकरीक से बनाई जाएंगी सड़कें। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
ईकोफिक्स तकनीक से 20 मिनट में भरेंगे सड़क के गड्ढे
पानी भरे गड्ढों की मरम्मत भी आसानी से संभव होगी
स्टील उद्योग के वेस्ट स्लैग का उपयोग होगा इस तकनीक में
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। सड़क पर गड्ढा सूखा हो या उसमें पानी भरा हो, अब उसे भरने में घंटों के बजाय महज 20 मिनट का वक्त ही लगेगा।
फ्लैट ओनर फेडरेशन ने सड़कों के गड्ढों की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी को ईकोफिक्स तकनीक अपनाने का सुझाव दिया है। फेडरेशन ने तकनीक लागू होने के बाद भी गड्ढे मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
ईकोफिक्स से 20 मिनट में पैच रिपेयर
फ्लैट ओनर फेडरेशन के चेयरमैन कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी के अनुसार, एक सितंबर को पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राम राजा से मुलाकात हुई थी। इसके बाद पांच सितंबर को अधिशासी अभियंता ने वरिष्ठ अधिकारी को ईकोफिक्स के संबंध में निर्देश जारी करने के लिए पत्र भेजा है।
फेडरेशन का दावा है कि ईकोफिक्स तकनीक से गड्ढे की सफाई या तारकोल गर्म करने की जरूरत नहीं पड़ती। गड्ढे में सामग्री डालने के बाद करीब 20 मिनट में पैच रिपेयर पूरा किया जा सकता है और इस दौरान यातायात भी जारी रखा जा सकता है।
पारंपरिक मरम्मत में कई घंटे लगते हैं
फेडरेशन के अनुसार, पारंपरिक तरीके से सड़क का गड्ढा भरने के लिए पहले उसकी सफाई की जाती है। इसके बाद गिट्टी डालकर गर्म तारकोल डालने और उसे दबाने की प्रक्रिया होती है।
इस काम में भारी मशीनरी की जरूरत पड़ती है और कई घंटे तक यातायात रोकना पड़ सकता है। ईकोफिक्स को इसके मुकाबले तेज प्रक्रिया बताया गया है।
स्टील वेस्ट स्लैग से तैयार होती सामग्री
ईकोफिक्स में स्टील उद्योग से निकलने वाले वेस्ट स्लैग को पालिमर बाइंडर के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है। फेडरेशन ने इसी तकनीक को सड़क के गड्ढों की मरम्मत में इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है।
गड्ढे मिले तो तय हो अधिकारियों की जिम्मेदारी
कर्नल टीपी त्यागी ने कहा कि तकनीक उपलब्ध होने के बाद भी यदि सड़कों पर गड्ढे पाए जाते हैं तो पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि करदाताओं के पैसे की बर्बादी रोकने के साथ ही लोगों को लंबे समय तक गड्ढों से परेशान नहीं होना चाहिए।
