अंधाधुंध बिजली कटौती से साहिबाबाद की सोसायटियों में हाहाकार, मेंटेनेंस का पैसा जेनरेटर चलाने में खर्च
साहिबाबाद की कोयल एन्क्लेव स्थित पर्ल रेजीडेंसी और के-11 सोसायटी के लोग रोजाना 4-7 घंटे की बिजली कटौती से परेशान ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड
HighLights
रोजाना 4-7 घंटे की बिजली कटौती से लोग परेशान।
जेनरेटर चलाने में लाखों खर्च, रखरखाव कार्य प्रभावित।
विद्युत निगम से शिकायत, समाधान का आश्वासन मिला।
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। कोयल एन्क्लेव की पर्ल रेजीडेंसी सोसायटी के लोग रोजाना औसतन चार से पांच घंटे की बिजली कटौती से जूझ रहे हैं। बिजली कटने पर जेनरेटर सेट चलाना पड़ रहा है, जिससे हर माह मेंटेनेंस का करीब पांच से छह लाख रुपये जेनरेटर से पावर आपूर्ति करने पर खर्च हो रहा है।
इससे सोसायटी के मेंटेनेंस कार्य प्रभावित हो रहे हैं। एओए पदाधिकारियों ने इसकी शिकायत विद्युत निगम में की है। पदाधिकारियों का कहना है कि अगर ये राशि डीजी चलाने में खर्च नहीं होती तो इससे मेंटेनेंस कार्य हो सकते हैं।
सोसायटी में करीब 701 फ्लैट हैं। इन फ्लैटों के मालिकों पर बिजली कटौती का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। शुक्रवार शाम भी करीब छह बजे बिजली कट गई थी। इसके बाद देर रात करीब एक बजे बिजली सामान्य हुई।
रोजाना की समस्या बनी बिजली कटौती
करीब पांच घंटे तक जेनरेटर सेट चलाना पड़ा। शनिवार सुबह में छह बजे फिर से बिजली कट गई, जो 8:10 बजे सामान्य हुई। इसी तरह रोजाना करीब पांच से छह बार बिजली कटती है।
इस दौरान जरूरी कार्यों जैसे लिफ्ट, पानी के पंच और कामन एरिया के लिए डीजी चलाना पड़ता है। एओए कोषाध्यक्ष बैज सिंह का कहना है कि बिजली कटौती यहां रोजाना की समस्या बन चुकी है।
विद्युत निगम के मुख्य अभियंता से शिकायत करते हुए कहा कि सोसायटी का निरीक्षण कर फीडर, ट्रांसफार्मर और लाइन की जांच कराई जाए। इससे बार-बार बिजली कटौती का सही कारण पता चल सकेगा।
बिजली कटौती के कारण डीजी पर अधिक निर्भरता हो गई है। डीजल की खरीद में सोसायटी के फंड का बड़ा हिस्सा खर्च हो रहा है।
के-11 सोसायटी के लोगों ने भी की शिकायत
कोयल एन्क्लेव की के-11 सोसायटी के लोग भी बिजली कटौती से परेशान हैं। सोसायटी के लोगों ने बिजली कटौती से राहत दिलाने के लिए विद्युत निगम के अधिकारियों से शिकायत की है। लोगों का कहना है कि आए दिन 11 व 33 केवी लाइन में फाल्ट के कारण बिजली गुल हो रही है। रोजाना छह से सात घंटे तक बिजली गायब रहती है। फीडर पैनलों की भी तकनीकी जांच होनी चाहिए।
विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर इतना खराब है कि कभी भी फाल्ट हो जाता है। सोसायटी में घंटों बिजली कटौती होती है। इससे लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है।
-राकेश सिंह, अध्यक्ष, एओए।
रोजाना अंधाधुंध बिजली कटौती हो रही है। सोसायटी का फंड जेनरेटर चलाने के लिए डीजल पर खर्च करना पड़ रहा है। इससे सोसायटी के मेंटेनेंस कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
-बैज सिंह, कोषाध्यक्ष, एओए।
बिजली कटौती का समाधान करने के लिए विद्युत निगम में लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन समाधान के नाम पर केवल आश्वासन मिलता है।
-राकेश वर्मा, संयुक्त अध्यक्ष, एओए।
सोसायटी में बिजली कटौती से लोगों का बुरा हाल है। रोजाना चार से पांच घंटे बिजली कटौती हो रही है। इसको लेकर लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा।
-समीर, सचिव, एओए।
ज्यादातर इलाकों में निर्बाध बिजली आपूर्ति की जा रही है, जिन इलाकों में समस्या है उनमें सुधार के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं।
-नरेश भारती, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम जोन-दो।
