गाजियाबाद के ट्रांस हिंडन में बिजली फॉल्ट का कहर, गर्मी से बेहाल हुए हजारों लोग
गाजियाबाद के ट्रांस हिंडन क्षेत्र में बुधवार रात से लगातार बिजली कटौती और फॉल्ट से 50 हजार से अधिक लोग परेशान रहे।

फॉल्ट ठीक करता कर्मचारी।
HighLights
50,000 से अधिक लोग बिजली कटौती से रातभर परेशान रहे।
शहीदनगर में ट्रांसफार्मर खराब होने से दिनभर बिजली गुल।
बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों का गर्मी से बुरा हाल हुआ।
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। ट्रांस हिंडन के शहीद नगर, शालीमार गार्डन, विक्रम एन्क्लेव और जवाहर पार्क कालोनी में बुधवार रात एक के बाद एक फॉल्ट होते रहे। इससे यहां के करीब 50 हजार से अधिक लोगों के पसीने छूट गए।
लोगों की शिकायत के बाद विद्युत कर्मी फॉल्ट ठीक करने में जुटे रहे, लेकिन चार से पांच घंटे तक फॉल्ट ठीक नहीं कर सके। शहीदनगर में भी ट्रांसफार्मर में फॉल्ट से दिनभर बिजली गुल रही।
शहीदनगर में रात में एक के बाद एक फॉल्ट हुए। कभी लाइन में फॉल्ट तो कभी ट्रांसफार्मर के केबल में फॉल्ट हुआ। इससे यहां की रात 12:30 से लेकर सुबह छह बजे तक बिजली गुल रही। बीच-बीच में कुछ देर के लिए बिजली आई।
30 हजार से अधिक आबादी का घर में रहना मुश्किल
सुबह में करीब 9:30 बजे 630 केवीए का ट्रांसफार्मर में खराबी आ गई। ट्रांसफार्मर का मेंटेनेंस करने में कर्मी देर शाम तक जुटे रहे। इससे शहीदनगर समेत आसपास के क्षेत्रों की बिजली गुल रही। इससे यहां की करीब 30 हजार से अधिक आबादी का घरों में रहना भी मुश्किल हो गया।
लोगों ने बताया कि बिन बिजली के गर्मी से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का बुरा हाल हो गया। अधिकारी रातभर फॉल्ट ठीक करने का आश्वासन देते रहे।
इसके अलावा जवाहर पार्क में भी बिजली कटौती के कारण यहां भी करीब चार घंटे बिजली गुल रही। शालीमार गार्डन-मेन में ट्रांसफार्मर का केवल फुंकने से करीब तीन घंटे बिजली गुल रही।
इन इलाकों में भी हुई कटौती और ट्रिपिंग
बृहस्पतिवार को दिनभर विभिन्न इलाकों में बिजली कटौती और ट्रिपिंग रही। टीला मोड की इंद्रप्रस्थ कालोनी में भी बार-बार बिजली कटौती होती रही। दिनभर में करीब पांच घंटे बिजली कटौती हुई। इसके अलावा वसुंधरा सेक्टर-तीन व पांच और वैशाली सेक्टर-पांच में भी तीन से चार घंटे बिजली कटी।
रात में जो भी फॉल्ट हुए ठीक करा दिए गए थे। शहीदनगर में ट्रांसफार्मर में हुए फॉल्ट को भी ठीक कराया जा रहा है। इसके लिए कर्मी जुटे हुए हैं।
-अखिलेश सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम।
