विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गाजियाबाद में बिना सीसी फ्लैट देने वाले 100 से ज्यादा बिल्डरों पर होगी FIR, एक्शन में जीडीए

Published: Mon, 05 Oct 2026 10:15 AM (IST)

इलाहाबाद हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) 100 से अधिक बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है।

बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहा जीडीए।

बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहा जीडीए।

HighLights

  1. हाईकोर्ट की फटकार के बाद जीडीए सख्त एक्शन मोड में।

  2. बिना सीसी फ्लैट देने वाले 100 से अधिक बिल्डर चिन्हित।

  3. अवैध कब्जा देने वाले बिल्डरों पर दर्ज होगी एफआईआर।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। गाजियाबाद के गुलमोहर ग्रीन्स मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद जीडीए सख्त एक्शन मोड में आ गया है। अपनी साख बचाने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए प्राधिकरण अब बिना कम्प्लीशन सर्टिफिकेट के बायर्स को पजेशन सौंपने वाले 100 से ज्यादा बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।

बिना सीसी पजेशन देना सुरक्षा से खिलवाड़

मामला मोहननगर की गुलमोहर ग्रीन्स सोसायटी से शुरू हुआ, जहां बिना सीसी के ही निवासियों को पजेशन दे दिया गया था। इसके कारण निवासियों को बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।

वहीं, जब मामला हाईकोर्ट पहुंचा, तो अदालत ने प्राधिकरण की ढीली कार्यशैली और बिल्डरों की मनमानी पर कड़ा संज्ञान लिया। हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद जीडीए में अन्य सोसायटियों की फाइलें खंगाली गईं, जिसमें 100 से अधिक ऐसे बिल्डर सामने आए, जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर बिना सीसी के खरीदारों को फ्लैट हैंडओवर कर दिए थे।

कई बड़ी सोसायटियां को भी नोटिस जारी

जीडीए की जांच में राजनगर एक्सटेंशन, क्रॉसिंग रिपब्लिक, इंदिरापुरम, वैशाली, कौशांबी के अलावा एनएच-9 के किनारे बनी कई बड़ी ग्रुप हाउसिंग सोसायटियां शामिल हैं।

इसके अलावा ट्रांस हिंडन, शहर और लोनी एरिया की ऐसी सोसायटियों की जांच की जा रही है, जहां बिना अग्निशमन सुरक्षा और जांच के ही लोगों को चाबियां सौंप दी गईं।

बिल्डर पर केस दर्ज करने के आदेश

जीडीए ने नूरनगर स्थित आरकेएस बिल्डकान (हेरिटेज टावर-टी) के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। बिल्डर ने चार करोड़ रुपये से अधिक का शमन शुल्क जमा नहीं किया था और बिना सीसी व शमन मानचित्र स्वीकृत कराए अवैध रूप से फ्लैट व दुकानें बेच दी थीं। नंदग्राम थाने में इसके लिए तहरीर दी गई है।

बिना सीसी लिए जिन बिल्डरों ने फ्लैट और दुकानों पर कब्जा दे दिया है, उनकी सूची तैयार की जा रही है। ऐसे बिल्डरों पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए संबंधित थानों में तहरीर दी जा रही है। - प्रदीप कुमार सिंह, अपर सचिव, जीडीए

यह भी पढ़ें- गाजियाबाद में जीडीए की 10 संपत्तियां नीलाम, 105 करोड़ रुपये से अधिक मिला राजस्व