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गाजियाबाद में 26,384 वाहनों पर ईंधन का संकट, नो पीयूसीसी नो फ्यूल का ट्रायल शुरू; लगने लगीं कतारें

Published: Tue, 15 Sep 2026 07:48 PM (IST)

गाजियाबाद में 1 अक्टूबर से 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' नीति पूरी तरह लागू होगी, जिससे 26,384 वाहनों को ईंधन मिलने ...और पढ़ें

गाजियाबाद के पेट्रोल पंपों पर 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' पाॅलिसी के ट्रायल की शुरुआत कर दी गई है। जागरण

गाजियाबाद के पेट्रोल पंपों पर 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' पाॅलिसी के ट्रायल की शुरुआत कर दी गई है। जागरण

HighLights

  1. गाजियाबाद में 1 अक्टूबर से 'नो पीयूसीसी नो फ्यूल' नीति लागू।

  2. जिले में 26,384 वाहनों के पास वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं।

  3. फिलहाल ऐप के जरिए वाहनों की पहचान कर ट्रायल जारी।

अभिषेक सिंह, गाजियाबाद। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) के चलने वाले वाहनों को एक अक्टूबर से ईंधन देने पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' पाॅलिसी जिले में ट्रायल के तौर पर अभी लागू की गई है, एप के माध्यम से वाहनों की पहचान की जा रही है। एक अक्टूबर से पालिसी को पूरी तरह लागू किया जाएगा।

26,384 वाहनों का नहीं पीयूसीसी 

जिले में कुल 26,384 वाहनों के पास प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र नहीं है। इनमें दोपहिया वाहनाें की संख्या 20,193 है। कारों की संख्या 6,070 है। इनके अलावा 108 ट्रैक्टर, एक एंबुलेंस, एक गुडस कैरियर वाहन और नो बसों का भी प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र नही है। जिले में वाहनों में ईंधन की आपूर्ति के लिए 135 पेट्रोल, डीजल व सीएनजी पंप हैं।

अब तक एएनपीआर कैमरे नहीं लगे 

नई व्यवस्था के तहत एक अक्टूबर से बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र वाले वाहनों को पेट्रोल, डीजल व सीएनजी की आपूर्ति नहीं की जाएगी। नियम के तहत ऐसे वाहनों की पहचान के लिए सितंबर माह तक सभी पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे (एएनपीआर) लगाए जाने हैं, लेकिन अब तक एक भी पेट्रोल पंप पर अब तक एएनपीआर कैमरे नहीं लगे हैं।

कैमरे के विकल्प के रूप में हो रहा एप का इस्तेमाल

जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि एएनपीआर कैमरे के विकल्प के रूप में खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा अभी पीयूसीसी के बिना चल रहे वाहनों की पहचान के लिए एप तैयार किया है।

यह एप पेट्रोल पंप पर सभी सेल्समैन को मोबाइल में इंस्टाल करने के लिए कहा गया है। पेट्रोल पंप पर जब वाहन स्वामी ईंधन लेकर पहुंचेंगे तो सेल्समैन पहले वाहन का नंबर एप पर डालकर सर्च करेगा कि वाहन का पीयूसीसी है या नहीं। अभी इस व्यवस्था को ट्रायल के तौर पर लागू किया गया है। जिन वाहनों को पीयूसीसी नहीं है, उनको ईंधन लेने से

पहले वाहन को पीयूसीसी बनवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। मंगलवार को जिला पूर्ति अधिकारी ने खुद भी पेट्रोल पंपों पर जाकर एप के माध्यम से वाहनों को चेक किया, इस दौरान कई वाहन का पीयूसीसी न मिलने पर वाहन स्वामी को चेताया गया है।

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