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बिना PUCC नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, गाजियाबाद में 1 अक्टूबर से लागू होगी सख्ती; अफसरों के लिए बड़ी चुनौती

Published: Sat, 12 Sep 2026 04:05 PM (IST)

गाजियाबाद में 1 अक्टूबर से 'नो पीयूसीसी, नो फ्यूल' नीति लागू होगी, लेकिन इसके लिए आवश्यक तैयारी, खासकर पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरों की कमी, चिंता का विषय है।

पेट्रोल पंप पर पेट्रोल डलवाते लोग। जागरण

पेट्रोल पंप पर पेट्रोल डलवाते लोग। जागरण

HighLights

  1. 1 अक्टूबर से गाजियाबाद में 'नो पीयूसीसी नो फ्यूल' नीति लागू।

  2. 26,384 वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र नहीं।

  3. पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरों की कमी, तैयारी अधूरी।

अभिषेक सिंह, गाजियाबाद। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) के चलने वाले वाहनों को एक अक्टूबर से ईंधन देने पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं।

इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है, लेकिन अब तक इसको लेकर तैयारी सिर्फ कागजों में ही दिख रही है, धरातल पर ऐसे वाहनों को रोकने के लिए कुछ नहीं है।

यही स्थिति रही तो प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ एक अक्टूबर से छिड़ने वाली जंग में पहले दिन ही अफसरों को मात मिलेगी।

कारों की संख्या 6,070

जिले में कुल 26,384 वाहनों के पास प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र नही है। इनमें दोपहिया वाहनाें की संख्या 20,193 है। कारों की संख्या 6,070 है।

इनके अलावा 108 ट्रैक्टर, एक एंबुलेंस, एक गुडस कैरियर वाहन और नो बसों का भी प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र नही है। जिले में वाहनों में ईंधन की आपूर्ति के लिए 135 पेट्रोल, डीजल व सीएनजी पंप हैं।

एएनपीआर कैमरे नहीं लगे

नई व्यवस्था के तहत एक अक्टूबर से बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र वाले वाहनों को पेट्रोल, डीजल व सीएनजी की आपूर्ति नहीं की जाएगी। नियम के तहत ऐसे वाहनों की पहचान के लिए सितंबर माह तक सभी पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे (एएनपीआर) लगाए जाने हैं, लेकिन 10 सितंबर का समय बीत जाने के बाद भी एक भी पेट्रोल पंप पर अब तक एएनपीआर कैमरे नहीं लगे हैं।

जिला पेट्रेाल व डीजल वितरक एसोसिएशन के महासचिव अभिषेक ने बताया कि दिल्ली में पेट्रोल पंपों पर
जो एएनपीआर कैमरे लगाए गए हैं, उनको परिवहन विभाग ने लगाया है। हमारी मांग है कि दिल्ली की तर्ज पर गाजियाबाद में भी परिवहन विभाग ही ये कैमरे लगाए।

इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को पत्र भेजा गया है। अब तक जवाब नहीं मिली है, ऐसे में
अभी एएनपीआर कैमरे नहीं लगाए गए हैं।

अभी 20 दिन का समय

जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी का कहना है कि जिले में एक अक्टूबर से नो पीयूसीसी नो फ्यूल पालिसी लागू की जाएगी। पालिसी लागू होने में अभी 20 दिन का समय है, तब तक पालिसी को लागू करने के लिए आवश्यक इंतजाम उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

कैमरे नहीं तो ये होगा विकल्प

यदि एक अक्टूबर से पहले सभी पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरे नहीं लगे तो विकल्प के तौर पर ईंधन लेने से पहले वाहन चालक को पीयूसीसी दिखाना अनिवार्य किया जा सकता है, यदि ऐसा हुआ तो पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइन लग सकती है। पेट्रेाल पंप संचालकों को कहना है कि इससे पेट्रोल पंपों पर स्थिति बिगड़ेगी, जिसे संभालना चुनौतीपूर्ण होगा। इसलिए सरकार को ही एएनपीआर कैमरे लगाए जाने चाहिए।