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गाजियाबाद नगर निगम का बड़ा फैसला, कूड़े का भंडार करने पर होगी FIR; जुर्माना भी लगेगा 

Published: Fri, 14 Nov 2025 08:39 AM (IST)

गाजियाबाद नगर निगम ने कूड़ा प्रबंधन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कूड़े का भंडार करने पर अब एफआईआर दर्ज ...और पढ़ें

संजय नगर में सफाई करते नगर निगम के सफाई कर्मचारी। सौ. नगर निगम

संजय नगर में सफाई करते नगर निगम के सफाई कर्मचारी। सौ. नगर निगम

HighLights

  1. शहर की सफाई के हित में नगर निगम ने लिया है बड़ा निर्णय

  2. प्रस्ताव पास होने के बाद नगर निगम ने तैयारी कर दी शुरू

  3. गाजियाबाद शहर को गंदगी से मिलेगी निजात

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। नगर निगम के इतिहास में पहली बार सफाई के हित बड़ा निर्णय लिया गया है। यदि कोई व्यक्ति अवैध स्थान पर कूड़े का भंडार करता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उस पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगेगा। शहर में बड़े स्तर पर चल रहा कूड़े निजी कारोबार पर लगाम लगेगी। यदि कोई व्यक्ति रिक्शा में कूड़ा परिवहन करता पकड़ा जाता है तो उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना व रिक्शा जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं घर के अंदर कूड़े का अलगाव नहीं करने वालों पर जुर्माना लगाने के साथ टैक्स की छूट समाप्त हो जाएगी।

नगर निगम की डोर टू डोर कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों में गीला, सूखा व ई-कचरा डालने के लिए अलग-अलग बाक्स बने होते हैं। लोगों को जागरूक किया गया था कि कूड़े को घर से ही अलग-अलग करके नगर निगम को देना है। जिससे निगम तेजी से कूड़ा निस्तारण कर सके। इसके बाद भी लोग कूड़े का अलगाव नहीं करते हैं। वह गीले व सूखे कूड़े को एक साथ मिलाकर निगम के वाहन में डाल देते हैं। इससे कूड़ा निस्तारण में दिक्कत होती है।

इसी तरह पूर्व में कई बार दिल्ली का कूड़ा गाजियाबाद में पकड़ा गया है। दिल्ली का कूड़ा यहां लाकर डाला जा रहा था। कुछ लोग सड़क के किनारे कबाड़ की अवैध दुकान खोल लेते हैं। अब नगर निगम कबाड़ की दुकान खोलने वालों पर भी कार्रवाई करेगा। उन पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना और एफआईआर दर्ज की जाएगी। बुधवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग चुकी है। अब इसकी आगे की तैयार की जा रही है।

सफाई को लेकर महापौर ने अपनाया सख्त रुख

पूर्व में दिल्ली का कूड़ा गाजियाबाद में डालने की शिकायतें मिलती थी लेकिन उन्हें नजर अंदाज कर दिया जाता था। जब इसकी जानकारी महापौर को मिली तो उन्होंने सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिए। कई बार दिल्ली एमसीडी के ट्रकों को जब्त कर लिया गया। एफआईआर भी दर्ज कराई गई। महापौर ने खुद मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। जिसके बाद इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकी।

प्रस्ताव के मुताबिक इस तरह लगेगा जुर्मान

  • गतिविधियां - पहली बार उल्लंघन पर जुर्माना रुपये में - दूसरी बार उल्लंघन करने पर जुर्माना रुपये - अंतिम कार्रवाई
  • रिक्शा में कूड़े व गोबर का परिवहन - 1000 - 5000 - रिक्शा जब्त व नीलामी
  • छोटे वाहन में कूड़े व गोबर का परिवहन - 25000 - 100000 - वाहन जब्त व नीलामी
  • ट्रैक्टर-ट्राली में कूड़े व गोबर का परिवहन - 50000 - 200000 - वाहन जब्त व नीलामी
  • बड़े वाहन में कूड़े वह गोबर का परिवहन - 100000 - 500000 - वाहन जब्त व नीलामी
  • आवास में कूड़े का अलगाव न करके देना - 1000 - 5000 - 20000 व दो वर्ष तक टैक्स छूट समाप्त
  • व्यवसायिक स्तर पर कूड़े का अलगाव न करना - 10000 - 50000 - 500000 रुपये व एफआईआर
  • सार्वजनिक स्थल पर कूड़ा फेंकना - 5000 - 10000 - 25000 रुपये व एफआईआर
  • सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा जलना - 5000 - 10000 - 25000 व एफआईआर
  • अवैध रूप से कूड़े या कबाड़ का भंडार करना - 25000 - 50000 - 500000 व एफआईआर
  • अवैध रूप से नाले में कूड़ा व गोबर बहाना - 20000 - 50000 - 500000 व पशु जब्तीकरण, एफआईआर



कार्यकारिणी में इस प्रस्ताव को पास कर दिया गया है। इससे कूड़े की समस्या से शहरवासियों को निजात मिल सकेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी हो सकेगी।


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सुनीता दयाल, महापौर