गाजियाबाद में सास के साथ रहने को राजी हुई पत्नी तो पति ने बांटे लड्डू, एक-दूसरे का हाथ थामकर खाईं कसमें
गाजियाबाद में एक बहू और पति के बीच सास के साथ रहने को लेकर हुए विवाद को मध्यस्थता केंद्र में ...और पढ़ें
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सास के साथ रहने के लिए बहू हुई राजी तो फिर से बंध गई रिश्तों की डोर। जागरण
HighLights
बहू ने सास के साथ रहने से किया था इनकार।
मध्यस्थता केंद्र में सुलझा पति-पत्नी का विवाद।
पत्नी सास के साथ रहने को हुई राजी।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। बहू ने पति से कहा कि वह सास के साथ नहीं रहेगी। इसी बात को लेकर शुरू हुआ विवाद पहले थाने और फिर अदालत पहुंच गया। पत्नी ने पति, सास और ससुर पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करा दिया।
अदालत ने मामले को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मध्यस्थता केंद्र (न्यायिक केंद्र) भेज दिया। यहां तीन तारीखों पर पति-पत्नी को बुलाकर समझाया गया। शुक्रवार को पत्नी ने कहा कि वह सास के साथ रहने के लिए तैयार है। इस पर पति ने पत्नी का हाथ थाम लिया और दोनों ने हमेशा साथ रहने का वादा किया।
इसके बाद मध्यस्थ अधिकारी विनोद कुमार शर्मा ने पत्नी का कन्यादान किया। न्यायिक केंद्र में खुशी में लड्डू बांटे गए।
साथ नहीं रहना चाहती
बुलंदशहर के नरौरा निवासी प्रिया की शादी फरीदाबाद निवासी सुमित के साथ वर्ष 2024 में हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद ही पत्नी ने पति से कहा कि वह सास-ससुर के साथ नहीं रहना चाहती और अलग रहना चाहती है। पति ने अपने माता-पिता को छोड़ने से मना कर दिया। जिसके बाद दोनों में विवाद शुरू हो गया। पत्नी अपने मायके चली गई और पिता के साथ खोड़ा में रहने लगी।
थाने में दर्ज कराया था केस
प्रिया ने खोड़ा थाने में पति, सास व ससुर के खिलाफ दहेज उत्पीड़न सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। कोर्ट में सुनवाई शुरू होने से पहले इस मामले को मध्यस्थता केंद्र भेज दिया गया।
मध्यस्थ अधिकारी विनोद कुमार शर्मा ने पत्नी को समझाया कि सास-ससुर को अपने माता-पिता मानकर उनकी सेवा करनी चाहिए। वहीं पति को भी समझाया गया कि वह पत्नी का सम्मान करे।
इस पर पत्नी ने कहा कि वह पति को सास-ससुर से दूर रहने के लिए कभी नहीं कहेगी। जिसके बाद एक वर्ष पुराने मुकदमे की फाइल बंद हो गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नेहा बानौधिया के सामने दोनों के बयान दर्ज किए गए।
