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गाजियाबाद में विदेशी कंपनी में जीएम की नौकरी के नाम पर ठगे लाखों रुपये, ठगी का पता चलने पर उड़े होश

Published: Thu, 10 Sep 2026 09:19 AM (IST)

गाजियाबाद में एक व्यक्ति से साइबर अपराधियों ने विदेशी कंपनी में जीएम पद दिलाने का झांसा देकर 6.78 लाख रुपये ठग लिए।

गाजियाबाद में एक व्यक्ति से लाखों रुपये की ठगी। सांकेतिक तस्वीर

गाजियाबाद में एक व्यक्ति से लाखों रुपये की ठगी। सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. गाजियाबाद निवासी आकाश सरन लाल से 6.78 लाख रुपये की ठगी।

  2. विदेशी कंपनी में जीएम पद दिलाने का झांसा देकर की गई ठगी।

  3. नौकरी डॉट कॉम के एचआर मैनेजर बनकर साइबर अपराधियों ने ठगा।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। विदेशी कंपनी में जीएम पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने क्रॉसिंग रिपब्लिक निवासी आकाश सरन लाल से 6.78 लाख रुपये ठग लिए।

आरोपियों ने नौकरी डॉट कॉम के एचआर मैनेजर बनकर उनसे संपर्क किया और मैकिन्से कंपनी में गुरुग्राम में जीएम पद रिक्त होने की बात कही। इसके बाद फर्जी प्रक्रिया के जरिए पहले इंटरव्यू कराया और फिर चयन होने की जानकारी देकर अलग-अलग शुल्क के नाम पर रकम जमा कराते रहे। मामले में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

इंटरव्यू के लिए फोन आया

पीड़ित के मुताबिक, 5 अगस्त को उन्हें कॉल और ई-मेल आया। कॉल करने वाले ने खुद को नौकरी डॉट कॉम का एचआर मैनेजर पृथ्वीराज सिंह बताया। उसने मैकिन्से कंपनी में जीएम पद के लिए आवेदन कराने के नाम पर रिज्यूमे और आधार कार्ड मांगा। दस्तावेज भेजने के बाद 11 अगस्त को मैकिन्से सिंगापुर के नाम से इंटरव्यू के लिए फोन आया।

बताया गया कि 12 और 13 अगस्त को टेलीफोन पर इंटरव्यू लिया गया। 14 अगस्त को चयन होने की जानकारी देते हुए कंसल्टिंग कोर्स के नाम पर 49,800 रुपये जमा कराए गए। इसके बाद बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के लिए 92,400 रुपये, मेडिकल टेस्ट के नाम पर 1.30 लाख रुपये और प्रो नियुक्ति के लिए 94,600 रुपये जमा कराए गए।

इसके बाद 21 अगस्त को कोलैटरल डिपाजिट के नाम पर 2.61 लाख रुपये अलग-अलग भुगतान कराए गए। अगले दिन आईटी इक्विपमेंट सिक्योरिटी फीस के नाम पर 3.27 लाख रुपये और मांगे गए। इस पर पीड़ित को शक हुआ और उन्होंने आगे रकम देने से मना कर दिया।

आरोपियों ने 25 अगस्त को मुंबई में वरिष्ठ प्रबंधन से आमने-सामने बैठक होने और अब तक जमा रकम वापस करने का भरोसा दिया। यहां तक कि दिल्ली से मुंबई जाने का टिकट भी भेजा गया, लेकिन वापसी का टिकट नहीं भेजा गया। शक गहराने पर पीड़ित ने बाकी रकम देने से मना कर दिया।

इसके बाद आरोपियों ने 50 हजार रुपये और जमा कराने के लिए दबाव बनाया। परेशान होकर पीड़ित ने 23 अगस्त को साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत कर पुलिस को शिकायत दी।

केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। शीघ्र आरोपितों का पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी। - अमित सक्सेना, एसीपी क्राइम