गाजियाबाद में ऑनलाइन ठगी का जाल, घर बैठे कमाई के नाम पर 37 लाख से अधिक की धोखाधड़ी
गाजियाबाद में ऑनलाइन कमाई और पार्ट टाइम नौकरी के झांसे में आकर एक व्यक्ति से टेलीग्राम के जरिए 37.21 लाख रुपये की ठगी की गई।

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड
HighLights
राजनगर एक्सटेंशन निवासी से टेलीग्राम पर 37.21 लाख की ठगी।
कार बेचने के बहाने 4.20 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला।
बकाया रकम के नाम पर साइबर उत्पीड़न, धमकी का केस दर्ज।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन निवासी अभिनव भल्ला से टेलीग्राम के जरिये पार्ट टाइम नौकरी और अधिक कमाई का झांसा देकर 37.21 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है।
पीड़ित ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि फरवरी में उन्हें एक महिला ने वाट्सएप पर संपर्क कर खुद को एक कंपनी की एचआर बताया और घर से काम करने पर प्रतिदिन 1500 से 1600 रुपये कमाने का लालच दिया।
शुरुआत में छोटे काम कराए गए और कुछ रकम वापस भी भेजी गई, इसके बाद टेलीग्राम समूहों में जोड़कर अलग-अलग कार्य और निवेश के नाम पर रकम जमा कराई जाने लगी। रकम निकालने पर क्रेडिट स्कोर कम होने, खाता निष्क्रिय होने और सिस्टम में तकनीकी समस्या बताकर लगातार और पैसे जमा कराए गए। इस तरह उनसे कुल 37.21 लाख रुपये की ठगी की गई।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कर लिया हैं। एसीपी क्राइम अमित सक्सेना का कहना है कि मामले में जांच शुरू कर दी गई है। जिन खातों में रुपये जमा हुए हैं उनकी जानकारी ली जा रही है। शीघ्र आरोपितों का पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।
कार बेचने के नाम पर 4.20 लाख रुपये की ठगी
नंदग्राम के गढ़ी गांव निवासी मिथुन कुमार ने कार बेचने के नाम पर 4.20 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि सौरव भाटी और उसकी पत्नी सोनम भाटी ने हुंडई वैन्यू कार बेचने की बात कहकर उनसे रकम ली थी।
कार की कीमत साढ़े पांच लाख रुपये तय हुई थी, जिसमें 70 हजार रुपये सौरव की पत्नी के खाते में और साढ़े तीन लाख रुपये नकद दिए गए। बाद में कार दो दिन चलाने के लिए पीड़ित को दी गई, लेकिन जांच कराने पर पता चला कि कार सौरव और उसकी पत्नी के नाम से नहीं थी।
आरोप है कि कार वापस करने के बाद रकम मांगने पर सौरव ने एक सप्ताह में पैसे लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन रकम वापस नहीं की। पीड़ित की शिकायत पर नंदग्राम थाने में सौरव भाटी और सोनम भाटी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
आठ लाख रुपये की बकाया रकम के नाम पर उत्पीड़न, केस दर्ज
वसुंधरा निवासी तुषार बजाज ने आठ लाख रुपये की बकाया रकम के नाम पर साइबर उत्पीड़न, धमकी और लगातार काल व एसएमएस करने का आरोप लगाया है। बेबी फारेस्ट आयुर्वेद प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि करीब तीन वर्ष पहले कंपनी ने बेंगलुरु स्थित एक स्टोर में इंटीरियर का काम कराने के लिए लविश इंटीरियर्स को भुगतान किया था। भुगतान और हिसाब-किताब पूरा हो चुका था।
करीब तीन वर्ष बाद कुछ लोग खुद को क्रेडिट क्यू से जुड़ा बताकर आठ लाख रुपये की बकाया रकम मांगने लगे। बाद में चार लाख रुपये में मामला निपटाने की बात कही गई। आरोप है कि अलग-अलग मोबाइल नंबरों से धमकी भरे फोन, एसएमएस और वाट्सएप पर मैसेज भेजे गए तथा रकम नहीं देने पर लगातार काल व एसएमएस की धमकी दी गई। साइबर क्राइम थाने में अंकित, राघवम, दीपक शर्मा समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
