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लिव-इन पार्टनर हत्याकांड: कोर्ट का राहत देने से इनकार; आरोपी पवन की जमानत खारिज

Published: Mon, 24 Aug 2026 12:29 PM (IST)

गाजियाबाद में लिव-इन पार्टनर सुशीला देवी की हत्या के आरोपी पवन कुमार की जमानत अर्जी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने खारिज कर दी।

अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।

अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।

HighLights

  1. लिव-इन पार्टनर सुशीला देवी हत्याकांड में जमानत अर्जी खारिज।

  2. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गाजियाबाद ने पवन कुमार की अर्जी ठुकराई।

  3. आरोप की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने राहत नहीं दी।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। गाजियाबाद में ट्रानिका सिटी थाना क्षेत्र में सुशीला देवी की हत्या के मामले में जेल में बंद आरोपी पवन कुमार को अदालत से राहत नहीं मिली।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गाजियाबाद की अदालत ने हत्यारोपी पवन कुमार की जमानत अर्जी खारिज कर दी। आरोपी 31 जुलाई 2026 से जेल में बंद है।

किराए के मकान में रहने लगे थे

पुलिस ने सुशीला देवी की हत्या के मामले में पवन कुमार को गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में पवन ने बताया कि वह मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर का निवासी है। उसकी पहली पत्नी की मौत के बाद उसकी बातचीत सुशीला से शुरू हुई थी। वह दोनों ट्रानिका सिटी क्षेत्र की पूजा कॉलोनी में किराए के मकान में लिव इन रहने लगे थे।

24 जुलाई 2026 की रात को दोनों के बीच पवन की बेटियों को साथ रखने को लेकर विवाद हुआ था। सुशीला द्वारा बेटियों को साथ रखने से मना करने पर गुस्से में आकर पवन ने उसका गला दबाकर हत्या कर दी।

जमानत प्रार्थना-पत्र दाखिल किया

अदालत में पवन कुमार की ओर से जमानत प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया था। बचाव पक्ष ने आरोपित को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसे मामले में झूठा फंसाया गया है।

अधिवक्ता ने यह भी तर्क दिया कि आरोपित का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उसके खिलाफ कोई स्वतंत्र साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। पवन कुमार पर सुशीला देवी की हत्या करने और उसके शव को छिपाने का आरोप है।

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अदालत ने माना कि आरोप गंभीर प्रकृति का है। अदालत ने पवन कुमार की जमानत अर्जी खारिज कर दी।