गाजियाबाद: आठवीं बार हत्थे चढ़ा आरोपी, एक हजार महिलाओं की कर चुका है भ्रूण जांच
गाजियाबाद में भ्रूण लिंग जांच के आरोप में कपिल कुमार को आठवीं बार गिरफ्तार किया गया है। वह पिछले 10 ...और पढ़ें
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कपिल कुमार आठवीं बार पुलिस के हत्थे चढ़ा। जागरण
HighLights
कपिल कुमार आठवीं बार भ्रूण लिंग जांच में गिरफ्तार।
दस साल में एक हजार से अधिक महिलाओं की जांच।
पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, कार सहित साथी भी पकड़ाया।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। कार में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से भ्रूण लिंग जांच जैसे अपराध को लगातार अंजाम देने वाला कपिल कुमार आठवीं बार पुलिस के हत्थे चढ़ा है।
पुलिस के मुताबिक, वह पिछले करीब 10 साल से इस अवैध धंधे में सक्रिय है और अब तक एक हजार से अधिक महिलाओं के भ्रूण लिंग की जांच कर चुका है। इस दौरान वह सात बार जेल जा चुका है।
क्राइम ब्रांच और नंदग्राम पुलिस की संयुक्त टीम ने कपिल को उसके साथी गौरव के साथ नंदग्राम क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, अल्ट्रासाउंड किट बैग और आई-10 कार बरामद हुई है।
गिरोह का मुख्य आरोपी
एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद के अनुसार 46 वर्षीय कपिल कुमार मूल रूप से मेरठ के किठौर थानाक्षेत्र के गांव भगवानपुर बांगर का रहने वाला है और वर्तमान में दिल्ली के विश्वास नगर में रहता है। वह 12वीं पास है और गिरोह का मुख्य आरोपी बताया गया है। गिरफ्तार दूसरा आरोपी गोविंदपुरम के बालाजी एंक्लेव निवासी गौरव है।
वहीं, पूछताछ में कपिल ने बताया कि वह तीन से चार माह की गर्भवती महिलाओं के भ्रूण का लिंग परीक्षण करता था। इसके लिए महिला से 15 से 25 हजार रुपये लिए जाते थे। ग्राहक उपलब्ध कराने में उसका साथी गौरव मदद करता था।
आरोपी कार को किसी सुनसान स्थान पर खड़ा करते और महिला को वहीं बुलाकर पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से जांच करते थे। दोनों के पास अल्ट्रासाउंड जांच करने के लिए कोई वैध लाइसेंस या डिग्री नहीं है।
पुलिस के मुताबिक, कपिल के खिलाफ गाजियाबाद और दिल्ली में भ्रूण लिंग परीक्षण से संबंधित कई मुकदमे दर्ज हैं। वह पूर्व में सात बार जेल जा चुका है। इसके बावजूद उसने अवैध गतिविधि बंद नहीं की और फिर से इसी धंधे में सक्रिय हो गया।
नामी कॉलेज से बीटेक है गौरव
पुलिस की जांच में सामने आया है कि 35 वर्षीय गौरव ने कुछ वर्ष पूर्व शहर के एक नामी कालेज से आइटी में बीटेक किया था। उसके बाद उसने डासना स्थित रायल हेल्थकेयर में काउंटर पर बिलिंग का काम किया।
मौजूदा समय में वह विजयनगर बाइपास स्थित ओजस्वी अस्पताल में कैशियर के पद पर काम कर रहा था। गौरव ही मुख्य आरोपी को अपने संपर्क के जरिए गर्भवती महिलाओं का परिचय कराकर भ्रूण लिंग जांच के लिए लाता था। इस काम के बदले उसे पांच हजार रुपये मिलते थे।
अंबाला से चार लाख रुपये में खरीदी पुरानी मशीन
पुलिस की जांच में सामने आया है कि कपिल कुमार ने अंबाला से चार लाख रुपये में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन खरीदी थी। मशीन पुरानी है। इसी मशीन से आरोपी कार में महिलाओं की जांच करते थे।
कपिल इस मामले का मुख्य आरोपी है और पूर्व में भी कई बार जेल जा चुका है। उसके गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और इस अवैध गतिविधि से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। - जियाउद्दीन अहमद, एसीपी नंदग्राम
