गाजियाबाद जिला अस्पताल में इलाज कराने के जाएं तो रहें सतर्क, भूल कर भी न करें ये काम; लगेगा जुर्माना
गाजियाबाद के जिला एमएमजी अस्पताल में तंबाकू या सिगरेट का सेवन करने पर जुर्माना लगाया जा रहा है।

जिला एमएमजी अस्पताल गाजियाबाद। फाइल फोटो
HighLights
एमएमजी अस्पताल में तंबाकू सेवन पर जुर्माना।
तीन किशोरों पर 200 रुपये का जुर्माना लगा।
एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने आए थे किशोर।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। गाजियाबाद जिला एमएमजी अस्पताल में यदि इलाज कराने जाएं तो तंबाकू न चबाएं। बीडी-सिगरेट पीते भी यदि चिकित्सक, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय और सुरक्षाकर्मी ने देख लिया तो जुर्माना लगना तय है।
दरअसल महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की ओर से जारी निर्देशों के तहत सिगरेट व तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 के तहत अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों पर तंबाकू और सिगरेट का सेवन करना अपराध है।
इसका उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाने का प्रविधान है। इसी आदेश का अनुपालन करते हुए मंगलवार को डॉ. नितिन प्रियदर्शी ने तीन किशोरों को तंबाकू चबाते हुए पकड़ लिया। तीनों पर दो-दो सौ रूपये का जुर्माना लगाते हुए मौके पर वसूल लिया। इनमें कैफ, अनस और सनोज कुमार शामिल हैं।
24 घंटे में अस्पताल में लगे कितने वैक्सीन
तीनों किशोर कुत्तों के काटने पर अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचे थे। मंगलवार को जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में शहर में आवारा कुत्ते, बंदर, बिल्ली और चूहे के काटने पर 343 लोगों ने अस्पताल पहुंचकर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई है। इनमें 63 बच्चे भी शामिल हैं।
जिला एमएमजी अस्पताल, जिला संयुक्त अस्पताल और डूंडाहेडा संयुक्त अस्पताल में जानवरों के काटने पर एंटी रेबीज वैक्सीन की पहली डोज लगवाने पहुंचे लोगों की संख्या 128 रही। शेष 215 लोगों ने एआरवी की दूसरी और तीसरी डोज लगवाई है। जिला एमएमजी अस्पताल में 198 लोग एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचे।
संयुक्त अस्पताल में 120 और डूंडाहेड़ा अस्पताल में 25 लोगों ने पहुंचकर एआरवी लगवाई। सुबह आठ बजे से ही एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने वालों की लंबी कतार लग गई थी। दो बजे तक एआवी लगवाने को लोग पहुंचते रहें।
पीएचसी भोजपुर से घायल बच्चे को रेफर करने पर एंटी रेबीज सीरम लगवाया गया। सबसे अधिक गोविंदपुरम, प्रतापविहार, नंदग्राम, विजयनगर, अर्थला, पटेलनगर, मोरटा, महरौली, लालकुआं, करहैडा और संजयनगर के लोग एआरवी लगवाने पहुंच रहे हैं।
