शून्य हो गई ऑक्सीजन, सहारनपुर से नोएडा तक हिंडन नदी का घुट रहा दम; हैरान करने वाली है रिपोर्ट
गाजियाबाद के मोहननगर में हरनंदी नदी का पानी ऑक्सीजन मुक्त पाया गया है, जिससे जलीय जीव-जंतुओं का जीवन खतरे में ...और पढ़ें

हरनंदी नदी।
HighLights
मोहननगर में हरनंदी नदी का पानी ऑक्सीजन मुक्त पाया गया।
फैक्ट्रियों और नालों का पानी नदी को लगातार प्रदूषित कर रहा है।
यूपीपीसीबी की रिपोर्ट ने जलीय जीवन के लिए गंभीर खतरा बताया।
राहुल कुमार, साहिबाबाद। शिवालिक की पहाड़ियों से निकले वाली हरनंदी नदी का पानी गाजियाबाद के मोहननगर में आक्सीजन मुक्त है, जो जलीय जीव-जन्तुओं को जीवित रखने में सक्षम नहीं है। कभी जीवनदायिनी कहलाने वाली हरनंदी जीव-जंतुओं के लिए वर्षों से मृतदायिनी बनी हुई है।
इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकल युक्त पानी के अलावा शहर के नालों का पानी भी हरनंदी को प्रदूषित कर रहा है। जबकि यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारियों का दावा है कि बीते डेढ़ वर्ष में हरनंदी को दूषित करने वालीं 200 से अधिक फैक्ट्रियों को बंद कराया गया है।
अगस्त की रिपोर्ट जारी
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हरनंदी के पानी की अगस्त की रिपोर्ट जारी की है। इसमें गाजियाबाद के मोहननगर डाउनस्ट्रीम (छिजारसी) में घुलनशील आक्सीजन (डीओ) की मात्रा शून्य पाई गई। यहां बीते माह भी यही स्थिति थी। इसके अलावा करहेड़ा में 2.10 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज की गई।
इसके अलावा मोहननगर अपस्ट्रीम (रोडब्रिज) में 2.00 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज की गई, जबकि यह पांच मिलीग्राम प्रति लीटर से ज्यादा होनी चाहिए। शून्य की स्थिति में नदी में जलीय जीव जंतु नहीं रह सकते हैं। प्रदूषण बोर्ड का दावा है कि फैक्ट्रियों को नोटिस देने, बिजली कनेक्शन काटने और सीलिंग की कार्रवाई की जाती है।
सहारनपुर से नोएडा तक डीओ की मात्रा पांच स्थानों पर शून्य
सहारनपुरन के शिवालिक से निकलने वाली हरनंदी का पानी केवल गाजियाबाद के मोहननगर में ही आक्सीजन मुक्त नहीं है, बल्कि पांच स्थानों पर यही स्थिति है। बागपत के सरधना बोधना रोड, मेरठ के बरनावा अपस्ट्रीम, बरनावा डाउनस्ट्रीम, हिंडन नदी पुरा महादेव बलेनी व नोएडा डाउनस्ट्रीम में घुलनशील आक्सीजन की मात्रा शून्य है।
तीन वर्ष, दो माह पहले निगरानी के लिए गठित हुई थी कमेटी
प्रदूषण बोर्ड और जिला प्रशासन ने मिलकर जुलाई 2023 में हरनंदी को प्रदूषित होने से बचाने के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन तो किया। इसमें नगर निगम, जिला प्रशासन, सिचाई विभाग, प्रदूषण बोर्ड समेत तमाम विभागों के उच्चाधिकारियों को शामिल किया गया था। जिनका कार्य ठोस योजना बनाने के साथ ही निगरानी करना था, लेकिन उससे भी कोई लाभ नहीं मिला।
गाजियाबाद में किस माह कितनी रही अधिकतम डीओ की मात्रा
माह मात्रा
अगस्त 2.10
जुलाई 1.80
जून 1.60
मई 0
अप्रैल 0
मार्च 0
(नोट : मात्रा मिलीग्राम प्रति लीटर है।)
जलगुणता के लिए निर्धारित मानक
घुलित आक्सीजन की मात्रा - श्रेणी
छह मिलीग्राम प्रति लीटर - ए
पांच मिलीग्राम प्रति लीटर - बी
चार मिलीग्राम प्रति लीटर - सी व डी
चार मिलीग्राम प्रति लीटर से कम - ई
हरनंदी नदी को दूषित करने वालीं फैक्ट्रियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। बड़ी संख्या में नालों के मुहानों पर जाली भी लगवाई जार रही है। सुधार भी देखने को मिल रहा है।
-अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी।
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