विश्व फार्मासिस्ट दिवस: गाजियाबाद में 50 लाख की आबादी पर केवल 76 फार्मासिस्ट, इंटर्न के भरोसे चल रहे अस्पताल
गाजियाबाद में सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्टों की भारी कमी है, जहां 25-50 लाख की आबादी पर केवल 76 फार्मासिस्ट तैनात ...और पढ़ें

फार्मासिस्ट की किल्लत।
HighLights
गाजियाबाद में सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्टों की भारी कमी है।
इंटर्न द्वारा दवा वितरण से गलतियों की शिकायतें सामने आ रही हैं।
विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर पंजीकृत फार्मासिस्टों से ही जानकारी लेने की अपील।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। चिकित्सक और फार्मासिस्ट स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। चिकित्सक मरीज को दवाएं परामर्श करतें हैं और फार्मासिस्ट वितरित। फार्मासिस्ट की तेजी से कम हो रही संख्या का ही परिणाम हैं कि अधिकांश अस्पताल एवं सीएचसी पर ईंटर्न ही मरीजों को दवाईंया बांट रहें हैं।
कई बार चिकित्सक ने जो दवा लिखी है उसकी जगह दूसरी दे देते हैं। इस संबंध में सीएमएस से कई मरीजों ने शिकायत की है। 50 लाख की आबादी पर सरकारी अस्पतालों में केवल 76 फार्मासिस्ट तैनात है,जबकि 150 से अधिक तैनात होने चाहिये।
जिला फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेन्द्र शर्मा का कहना है कि ईमरजेंसी ड्यूटी,वीआइपी ड्यूटी और शिविरों में ड्यूटी लगाये जाने से कई बार फार्मासिस्ट परेशान होने लगते हैं। किसी भी वीआईपी के आने पर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक एवं फार्मासिस्टों की वीआईपी ड्यूटी बहुत जरूरी है।
जिला स्तरीय तीन बड़े अस्पतालों में ओपीडी से लेकर इमरजेंसी में मरीजों की भरमार रहती है और वीआईपी ड्यूटी के रोस्टर में भी इन्हीं तीन अस्पतालों में तैनात फार्मासिस्टों की ड्यूटी अधिक लगा जाती है,जबकि स्वास्थ्य विभाग के देहात क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अनेक ऐसे फार्मासिस्ट तैनात है जो इस ड्यूटी से मुक्त रहते हैं।
आज होगा कार्यक्रम
जिला फार्मासिस्ट एसोसिएशन के मंत्री संजय कुमार शर्मा ने बताया की 25 सितंबर फार्मासिस्ट दिवस मनाया जायेगा। इस वर्ष की थीम एम्पावरिंग फार्मासिस्ट फार हेल्थियर फ्यूचर के साथ मनाया जाएगा। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की जायेगी कि दवाईंयों के बारे में जानकारी के लिए सिर्फ रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट से ही जानकारी प्राप्त करें। औषधियों के बारे में फार्मासिस्ट ही सही व सटीक सलाह दे सकते हैं।
मरीजों की सेवा करने के साथ वीआईपी की सेहत का ध्यान रखने को 24 घंटे तत्पर रहते हैं।
- प्रवीण त्यागी, फार्मासिस्ट जिला महिला अस्पताल
गांव -देहात के मरीजों को दवाएं देने के साथ उन्हे लेने का तरीका मौखिक एवं लिखकर भी बताया जाता है।
- गीता एस,फार्मासिस्ट सीएचसी मोदीनगर
मरीज को बेहतर इलाज और दवाओं के संग अच्छा व्यवहार पसंद होता है। मरीजों का सम्मान जरूरी है।
-कृष्णधर दूबे,चीफ फार्मासिस्ट जिला महिला अस्पताल
मरीजों की सेवा करना अच्छा लगता है। कई बार बुजुर्ग मरीज दवाओं के साथ दुआएं देकर जाते हैं।
-नितिन चौधरी, फार्मासिसट पीएचसी तलहैटा
