'बत्ती गुल, फिर भी मीटर चालू', गाजियाबाद में महिला की शिकायत सुन डीएम हैरान
गाजियाबाद में एक बुजुर्ग विधवा महिला ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि दो साल से बिजली कटी होने के बावजूद ...और पढ़ें
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जिलाधिकारी ने महिला की समस्या सुनकर मदद का आश्वासन दिया। जागरण
HighLights
बुजुर्ग महिला को दो साल से बिजली नहीं, फिर भी बिल।
जिलाधिकारी ने सुनी व्यथा, मदद का दिया आश्वासन।
पेंशन, अंत्योदय, आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन।
अभिषेक सिंह, गाजियाबाद। बिजली विभाग की लापरवाही पर बनी फिल्म बत्ती गुल, मीटर चालू को रिलीज हुए सात साल का समय भले ही बीत चुका है। लेकिन अभी भी धरातल पर स्थिति पूरी तरह नहीं सुधरी है।
गाजियाबाद में बुधवार को कलक्ट्रेट परिसर में डीएम के सामने जब एक बुजुर्ग विधवा महिला ने रोते हुए अपनी व्यथा बताई तो मानो उस फिल्म के सीन वहां बैठे अफसरों की आंखों के सामने दृश्यमान हो गए।
बिजली का बिल हर माह जारी
महिला ने डीएम को बताया कि उनके घर में दो साल से बिजली नहीं है, लेकिन बिजली का बिल हर माह जारी हो रहा है। उन्होंने बिजली का बिल माफ कराने और घर में बिजली की सप्लाई शुरू कराने की मांग डीएम की तो उन्होंने भी मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया।
पति का देहांत हो चुका
लोनी में रहने वाली सुशीला देवी ने डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ को बताया कि उनके पति का देहांत हो चुका है। महिला के दो बेटे हैं, वह भी उनके साथ नहीं रहते हैं। घर में कोई कमाने वाला नहीं है। वृद्धावस्था में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हुए वह जैसे-तैसे अपना जीवन यापन कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि बकाया जमा न होने के कारण दो साल पहले उनके घर की बिजली काट दी गई है, जिसकी वजह से अंधेरा रहता है। लेकिन बिजली विभाग की ओर से हर माह बिजली का बिल जारी किया जाता है, जो कि उनके लिए भर पाना संभव नही है।
महिला ने अपनी व्यथा डीएम को बताते हुए महिला की आंखों से आंसू छलक गए, उन्होंने बिजली का बिल माफ कराने और घर में बिजली की आपूर्ति सुचारू करने की मांग की। जिलाधिकारी ने महिला की व्यथा को समझा और मदद का आश्वासन दिया।
महिला के जीवन यापन के लिए उनकी वृद्धावस्था पेंशन, अंत्योदय कार्ड और आयुष्मान कार्ड के लिए भी आवेदन करवाया। इसके बाद महिला ने राहत की सांस ली।
